जानिए ! मई माह में पैदा होने वालों की विशेषताएं|मई माह के जातकों का भाग्यशाली रत्न।

मई माह में पैदा होने वालों का भाग्यशाली रत्न :

इस महीने का अधिकार क्षेत्र वृष राशि के अंतर्गत आता है। वृष राशि का स्वामी शुक्र है। अतः इस मास में जन्म लेने वाले लोगों के स्वभाव में शुक्र की विशेषताएं देखने को मिलती हैं।

सामान्य गुण व स्वभाव :

मई महीने में पैदा होने वाले लोग बहुत दृढ़ स्वभाव के होते हैं। उनके मस्तिष्क में जो बात एक बार बैठ जाए उसे वह लोग हर प्रकार की कठिनाइया उठाते हुए, हर प्रकार की कोशिश करके पूरा करके ही छोड़ते हैं। यह लोग स्वयं को बहुत योग्य एवं समझदार भी समझते हैं। इसलिए यह लोग किसी से परामर्श लेने या किसी से विचार विमर्श करना भी उपयुक्त नहीं समझते। यह लोग अत्यंत शांत एवं स्थिर स्वभाव के होते हैं। शारीरिक आकार और कद काठी में यह लोग प्राय छोटे और ठिंगने रहते हैं।

वृष राशि का स्वामी शुक्र है। इस माह में जन्म लेने वाले लोगों के स्वभाव तथा चरित्र में निम्नलिखित विशेषताएं पाई ई जाती हैं:-

सामान्य चरित्र :

इस माह में जन्मे लोग अन्याय के विरुद्ध अत्यधिक क्रोधी होते हैं। सामान्यतः इन्हें शांति और धैर्य पूर्ण काम करते देखा जाता है। यह लोग दृढ़ संकल्प वस्तु एक प्रकार से जिद्दी स्वभाव के होते हैं। यद्यपि इन्हें प्रेम पूर्वक व्यवहार द्वारा सरलता से वश में किया जा सकता है। इनमें शारीरिक तथा मानसिक सहिष्णुता अत्यधिक पाई जाती है। संकल्प की विद्यमानता में यह चाहे जितना तनाव सहन कर सकते हैं।

यह लोग अच्छे मेहमान नवाज होते हैं। भोजन के प्रति विशेष रूचिवान होते हैं तथा अवसर पड़े तो सुस्वाद भोजन भी तैयार कर सकते हैं। यह लोग कलात्मक रुचि संपन्न तथा प्रत्येक वस्तु को यथा स्थान एवं आकर्षक ढंग से सजा कर रखने वाले होते हैं। अपने मित्रों व्यसनों का सत्कार करके इन्हें अत्यधिक प्रसन्नता प्राप्त होती है।

यह लोग अवसर के अनुकूल स्वयं को ढालने वाले ,अभिनय पूर्ण भूमिका का निर्वाह करने में भी अत्यधिक कुशल होते हैं। यह लोग अपने प्रत्येक क्रियाकलाप में थोड़ा बहुत दिखावटी भी होते हैं। तथा वास्तविकता से अधिक धनी व संपन्न समझे जाते हैं। यह लोग अपनी भावनाओं तथा संवेदना के वशीभूत रहते हैं। सेक्स की अपेक्षा प्रेम को अधिक ऊंचा स्थान देते हैं।

प्रतिकूल अथवा घटिया वातावरण एवं परिस्थितियों में यह शीघ्र उदास हो जाते हैं। इनका पहला प्रेम प्रसंग अथवा विवाह प्राय असफल सिद्ध होता है। प्रेम के मामले में यह लोग प्राय ईष्यालु स्वभाव के रहते हैं। इनकी ईष्या का कारण प्राय आवेग रहता है। जिसके उतर जाने पर इन्हें पछताना पड़ता है। यह लोग निष्ठावान ,सच्चे मित्र तथा उत्तरदायित्व का पालन करने वाले होते हैं।

स्वास्थ्य :

इनमें जीवनी शक्ति प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। निष्क्रियता तथा आत्मवृत्त इनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक सिद्ध होती है। वृद्धावस्था में जलोदर रोग हो सकता है। सामान्यत इन्हें गले में खराश ,टॉन्सिल वृद्धि ,डिप्थीरिया आदि की शिकायतें होती है। खरोच आना ,पक्षाघात एवं रक्त स्राव भी हो सकते हैं। अतिरिक्त श्रम से इनके हृदय पर बोझ पड़ता है।

आर्थिक स्थिति :

इस माह में जन्म लेने वाले लोग आर्थिक दृष्टि से संपन्न ही रहते हैं। इन्हें विवाह एव साझेदारी आदि से लाभ होता है। इन लोगों में धन कमाने तथा संचित रखने की प्रवृत्ति पाई जाती है। यह लोग आराम का जीवन बिताने तथा अपने प्रियजनों की सहायता में भी धन खर्च करते देखे जाते हैं।

महिलाएं भी श्रेष्ठ व्यवसायिक आर्थिक संपन्न तथा धन उपार्जन में दक्ष होती हैं। भूमि ,खान ,खनिज ,होटल आदि के व्यवसाय में इन्हें विशेष सफलताएं मिलती हैं।

इनका भाग्यशाली रत्न ,लकी बर्थस्टोन :

मई महीने में जन्म लेने वाले लोगों के लिए उनका भाग्यशाली रत्न यानी lucky बर्थस्टोन पन्ना को माना गया है। वैदिक ज्योतिष परंपरा में यह महीना वृष राशि के अंतर्गत माना गया है। इन लोगों का लकी स्टोन पन्ना इन्हें निश्चित ही प्रत्येक विपत्ति से बचाए रखता है। यह उन्हें धनवान बनाता है। पन्ना पहनने से इनकी स्त्रियां भी इनके प्रति निष्ठावान बनी रहती है। इसे धारण रखने से प्रेमी प्रेमिकाओं से धोखा मिलने की संभावना भी नहीं रहती। यह उनके मान ,सम्मान ,प्रतिष्ठा आदि में वृद्धि करता है ,और उन्हें विशेष बौद्धिक शक्ति प्रदान करता है। इनको पन्ना धारण करना विशेष उपयोगी सिद्ध होता है। यह लोग पन्ना धारण करके अपने जीवन में नित नई सफलताएं प्राप्त कर सकते हैं।

Emerald (Panna)
Emerald (Panna)

रोमन लोगों में विश्वास था कि पन्ना रत्न को अपने पास रखने से बुराई ,धोखा विश्वासघात ,और छल कपट का तुरंत पता चल जाता है। क्योंकि ऐसी सभी दिशाओं में पन्ना की चमक ,दमक खो जाती है।

पिछले हजारों वर्षों से सुंदर ,जीवन शक्ति दायक लहरों ,प्रभावों और अद्भुत गुणों से संपन्न रहने के कारण पन्ना रत्न की बहुत मान्यता रही है। पश्चात रत्न विशेषज्ञों का तो जहां तक विश्वास है कि पन्ना पहनने से मनुष्य में नहीं और अद्भुत देशों की यात्राएं करने और वहां के निवासियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का शौक पैदा होता है। यह उन लोगों में देश विदेश के पर्यटन के लिए जाने और घूमने फिरने की इच्छा उत्पन्न करता है। इससे उसके ज्ञान और अनुभव में निरंतर वृद्धि होती है। वह लोग अपने पर्यटन व्यवसाय से बहुत धन कमाते हैं। इससे उनकी स्मरण शक्ति में भी निरंतर वृद्धि होती रहती है। यह स्त्री पुरुष के मध्य प्रेम संबंधों को प्रगाढ़ बनाताहै। है।

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