जानिए ! दिसंबर माह में पैदा होने वालों की विशेषताएं|भाग्यशाली रत्न।

जानिए ! दिसंबर माह में पैदा होने वालों की विशेषताएं|भाग्यशाली रत्न।
जानिए ! दिसंबर माह में पैदा होने वालों की विशेषताएं|भाग्यशाली रत्न।

दिसंबर माह में पैदा होने वालों का भाग्यशाली रत्न:

इस पोस्ट में हम यह जानेंगे कि दिसंबर महीने में जन्म लेने वाले जन्म लेने वाले जातकों की क्या विशेषताएं होती है, उनका स्वभाव कैसा होता है, उनका स्वास्थ्य कैसा रहता है, और उनके जीवन का भाग्यशाली रत्न कौन सा होता है। जिसे धारण करने से उन्हें जीवन में उनत्ति और तरक्की प्राप्त होती है।

दिसंबर का महीना धनु राशि के क्षेत्र में आता है। धनु राशि का स्वामी बृहस्पति माने गए हैं। अंततः इन लोगों के चरित्र में बृहस्पति के स्पष्ट प्रभाव दिखाई देता है।

दिसंबर माह में पैदा होने वालों का सामान्य गुण व स्वभाव:

दिसंबर में पैदा होने वाले लोग सुंदर और अच्छी सूरत वाले होते हैं। इनमें बहुत सुफुर्ति और साहस भी रहता है। यह बड़े परिश्रमी स्वभाव के होते हैं। यह सफल खिलाड़ी और सोचने वाले बन सकते हैं। यह बहुत धीरज और साहस रखते हैं। यह लोग निरंतर असफलताओं के बावजूद हौसला नहीं छोड़ते। अंततः अपने प्रयासों में सफल होकर ही रहते हैं। यह लोग साफ दिल के होते हैं और सच्ची बात मुंह पर ही कह देते हैं।

दिसंबर में जन्म लेने वाले लोग बहुत जल्दी क्रोधित भी हो जाते हैं। फौज और समुद्री सेवाओं में भी इनको शानदार सफलताएं प्राप्त होती हैं। दिसंबर में पैदा हुई स्त्रियां टीचर ,लेखक और अकाउंटेंट बनकर सफलताएं प्राप्त करती हैं। यह अपने पति के बहुत निष्ठावान होती है।

धनु राशि के स्वामी बृहस्पति माने गए हैं। इसलिए इस मास में जन्म लेने वाले लोगों का स्वभाव तथा चरित्र निम्नलिखित विशेषताएं पाई जाती हैं:

दिसंबर माह में पैदा होने वालों का सामान्य चरित्र:

इस मास में जन्मे लोग पूर्णता सत्यवादी होते हैं ,भले ही इस आदत के कारण स्वय उनको हानि ही क्यों ना उठानी पड़े। यह लोग स्पष्टवादी ,मुंहफट तथा सीधा लक्ष्यवेध करने वाले होते हैं। फलत अनेक लोगों को अपना शत्रु भी बना लेते हैं।

इन लोगों के मस्तिष्क में विचार बड़ी त्रीवता से क्रोंधते हैं। यह रुक रुक कर बातें करने व वालों को ज्यादा पसंद नहीं करते तथा दूसरों की बातचीत में स्वय बोलकर भी अड़ंगा नहीं डालते। यह लोग दूसरों के छल फरेब तथा षड्यंत्रओं का भंडाफोड़ करते हैं ,भले ही ऐसा करना उनके स्वयं के हित विरुद्ध ही क्यों ना हो। जब तक यह थक कर चकनाचूर नहीं होते ,तब तक यह विश्राम नहीं लेते। काम करते करते हुए मर जाना इन्हें स्वीकार रहता है।

यह लोग बड़े उद्यमी होते हैं ,परंतु किसी भी काम से स्वयं को बांधकर नहीं रख पाते। यह सीमा पार तक जा सकते हैं। यह निर्णय लेने में भी शीघ्रता करते हैं तथा अभिमानी होने के कारण अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करते ,इसलिए इन्हें कभी-कभी भयानक हानियां भी उठानी पड़ती है।

यदि यह लोग राजनीति के क्षेत्र में कार्यरत हो तो अनेक बार अपने विचार तथा नीतियों में परिवर्तन करते हैं। यही बात धार्मिक तथा सामाजिक क्षेत्र में कार्य करते समय भी देखी जाती है। इस माह में जन्मे वैज्ञानिक ,व्यवसाय के क्षेत्र में जा सकते हैं।

पीड़ितों की सहायता करना इन्हें प्रिय रहता है। यह लोग प्राय भावुकता में आकर वैवाहिक संबंध बना लेते हैं और बाद में पछताते हैं। कानून और व्यवस्था का पालन करना इनके स्वभाव में रहता है। इन्हें अपने कामों से अत्यधिक लोकप्रियता भी प्राप्त होती है।

दिसंबर माह में पैदा होने वालों का स्वास्थ्य:

यह लोग संवेदनशील स्वभाव के रहते हैं। सर्दी गर्मी के प्रति लापरवाह रहने के कारण यह लोग तीव्र ब्रोंकाइटिस के शिकार बन जाते हैं ,तथापि जल्दी स्वस्थ भी हो जाते हैं। मस्तिष्क को पर्याप्त आराम देने तथा मादक द्रव्यों का सेवन ना करना इनके स्वास्थ्य के लिए हितकर रहता है। सामान्यत इन्हें यकृत संबंधी बीमारियों का सामना करना पड़ता है।

दिसंबर माह में पैदा होने वालों की आर्थिक स्थिति:

इन लोगों को उत्तराधिकार तथा उपहार के रूप में संपत्ति का लाभ मिलता है। सामान्यत यह लोग स्वयं अधिक संपत्ति अर्जित नहीं कर पाते। यदि यह लोग धन जोड़ भी ले तो वृद्धावस्था मैं किसी रहस्यपूर्ण ढंग से उसे अन्य लोग हड़प लेते हैं। अथवा उसमें पर्याप्त कमी आ जाती है। साझेदारी में काम में इन्हें सफलताएं मिल सकती हैं। अपने अधीनस्थ कर्मचारियों तथा नौकरों से इन्हें बहुत सहयोग मिलता है

Turquoise
Turquoise

दिसंबर माह में पैदा होने वालों का भाग्यशाली रत्न, लक्की बर्थ स्टोन:

दिसंबर महीने में पैदा होने वाले लोगों के लिए भाग्यशाली रत्न यानी लक्की बर्थस्टोन ,फिरोजा यानी turquoise माना गया है। फिरोजा नामक यह रत्न दिसंबर में पैदा हुए लोगों को अनेक प्रकार के रोगों से बचाता है। यह उनके स्वास्थ्य को सही सलामत रखता है। फिरोजा धारण करने वाले व्यक्ति को दृढ़ निश्चयी बना देता है ,और उसके संबंध एव प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि करता है। यह उसके हर काम में सफलता देता है। दिसंबर में पैदा होने वालों के लिए फिरोजा से बढ़िया दूसरा भाग्यशाली रत्न और कोई नहीं हो सकता।

दरअसल दिसंबर का महीना धनु राशि के क्षेत्र में आता है इस राशि के स्वामी देव गुरु बृहस्पति माने गए हैं ,इसलिए इनका भाग्यवर्धक रत्न turquoise यानी फिरोजा माना गया है। रत्न विशेषज्ञों का पुराने जमाने से ही इस रत्न के बारे में मत रहा है कि, यह अपने स्वामी पर विपत्ति आने से पहले ही अपना रंग फीका करके सूचित कर देता है। जबकि विपत्ति टल जाने के बाद पुनः अपने स्वाभाविक रंग मैं आ जाता है। यह रत्न मनुष्य में प्रेम और दान की भावनाएं पैदा करता है और अपने स्वामी के मन में शांति देता है।

सदियों से फिरोजा का विशेष आकर्षण रहा है। यह सूफी संप्रदाय और तिब्बतीय तांत्रिकों का एक विशेष पसंदीदा रत्न रहा है। ईरान, इराक में तो आज भी फिरोजा विशेष शक्ति संपन्न क्षमता से परिपूर्ण और अद्भुत रत्न ही माना जाता है। फिरोजा पर शनि, बुध और शुक्र ग्रह का एक समान रूप से प्रभाव रहता है। इसलिए अगर नीलम धारण करने की सामर्थ ना हो ,तो उसकी जगह गहरे नीले रंग का फिरोजा ,हीरे की जगह हल्के आसमानी रंग का फिरोजा औरपन्ने की जगह हरे रंग का फिरोजा धारण किया जा सकता है।

फिरोजा के संबंध में ऐसी प्राचीन मान्यता चली आ रही है कि आपत्ति, मुसीबत के समय यह स्वय ही चटक जाता है या फिर इसका रंग एकाएक फीका पड़ जाता है। इस प्रकार यह रत्न आने वाली विपत्ति के प्रति व्यक्ति को पहले ही सतर्क कर देता है।

आकस्मिक बाधा ,विपत्ति दूर करने ,दांपत्य कलय , मनमुटाव को दूर करने ,एवं परस्पर प्रेम की प्रीति बढ़ाने में भी इस रत्न का कोई जवाब नहीं। फिरोजा शरीर के जहरीले तत्वों का नाश करने के लिए एक रक्षा कवच के रूप में भी धारण किया जाता है। खतरनाक यात्राओं पर निकलते समय या हिंसक जानवरों से रक्षार्थ भी फिरोजा धारण करने की प्राचीन परंपरा चली आ रही है।

फिरोजा में एक अद्भुत गुण यह भी है कि यह आने वाले खतरे की सूचना ही नहीं देता, बल्कि मौसम के बदलाव की सूचना भी बहुत पहले अपना रंग बदलकर दे देता है।

फिरोजा नेता ,अभिनेता ,प्रशासनिक अधिकारियों ,एवं साहसिक कार्यों को अंजाम देने वाले लोगों के लिए धारण करना अति उत्तम रहता है। फिरोजा में कई अन्य विशेषताएं भी हैं ,जैसे बुरी नजर लगने ,आकस्मिक दुर्घटनाओं से भी बचाए रखता है। प्रेमियों के प्रेम संबंधों में यह स्थापत्य प्रदान करता है। धनी बनने ,दुख और कष्टों से छुटकारा पाने ,सुखी जीवन व्यतीत करने के लिए लोग पुराने समय से ही फिरोजा धारण करते आ रहे हैं।
नीले रंग का फिरोजा मिश्र ,अरब ,तुर्की और ईरान निवासी आज भी अंगूठियों ,तलवारों की मयान, खंजर के दस्तों ,घोड़े की जीन ,में जड़वा कर उसे हर समय अपने पास रखते हैं ।

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