धनु लग्न के जातक कैसे होते है,कैसा होता है उनका व्यक्तित्व,उनका व्यहवार कैसा होता है

धनु लग्न के जातक कैसे होते है,कैसा होता है उनका व्यक्तित्व,उनका व्यहवार कैसा होता है

 

Image by Dorothe from Pixabay
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धनु लग्न

धनु लग्न के जातक कैसे होते है,कैसा होता है उनका व्यक्तित्व,उनका व्यहवार कैसा होता है, उनकी आजीविका का साधन और क्या होती है धनु लग्न की विशेषताएँ

 

धनु लग्न के जातकों का स्वाभाव व गुण

धनु लग्न में जन्म लेने वाले जातकों का स्वाभाव सभी पर शासन करने जैसा होताहै, वे अपने कार्यों को बड़ी कुशलता से करने वाले होते है,  ब्राह्मणों और देवताओं की भक्ति और सम्मान करने वाले होते है, जीवन में सभी ऐश्वर्या साधना और वाहनों की प्राप्ति करते है, और ऐश्वर्य संपन्न होते है। 

बहुत नेक और अच्छे विचारों और स्वाभाव वाले होते है। 

धनु लग्न के जातक धार्मिक स्वभाव के होते हैं ,दयालु होते हैं और सत्य के प्रति निष्ठावान होते हैं। सबको अपने साथ लेकर चलने वाले होते हैं। न्याय के पक्के होते हैं। धनु लग्न में जन्मे जातक को ज्ञान के प्रति बहुत अधिक लालसा होती है।

धनु लग्न के जातकों में स्पष्टवादीता होती है,किसी भी बात को बहुत तोलमोल कर बोलने वाले होते है।
धनु लग्न वाले जातक श्रेष्ठतम व्यक्तियों में से होते हैं, बशर्ते लग्न पर बहुत अधिक बुरे ग्रहों का प्रभाव ना हो। Dhanu lagn के जातक दूरदृष्टिता वाले होते हैं और उनका एक निश्चित लक्ष्य होता है। वह अपने जीवन में निश्चित लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं और उसे प्राप्त करने में सफल होते हैं। क्योंकि उनमे बुद्धि संतुलन के साथ चलने की प्रवृत्ति होती है। अपने धर्म के नाम मार्ग से भटकते नहीं है। उनमें सभी धर्मों का सम्मान करते हैं

इनमें सकारात्मक पक्ष बहुत अधिक पाया जाता है, समाज के प्रति जागरूक होते हैं किसी का भी अहित होते हुए देखकर यह सहन नहीं कर पाते ,इसीलिए Dhanu lagn के जातकों को श्रेष्ठतम मनुष्य बोला जाता है।

इनका नकारात्मक पक्ष होता है ,इनका आलस्य। यह कुछ आलसी प्रवृत्ति के होते हैं। कई बार ऐसा होता है कि लक्ष्य को लेकर चलते हैं ,लेकिन अपने अलस्ता के कारण कुछ पीछे रह जाते हैं। यह धनु लग्न के जातकों में बड़ा दुर्गुण होता है।

व्यक्तिगत मामलों में भी Dhanu lagn वाले थोडे लापरवाह होते हैं। आज के काम को कर के ऊपर डालते हैं ,इसलिए कई बार ऐसा होता है कि उनके अपने व्यक्तिगत मामलों को लेकर ,उनको आगे बढ़ने में परेशानियां आती हैं। Dhanu lagn वाले अपने परिवार के प्रति भी कुछ लापरवाह होते हैं।
अगर वह अपने आलस्य को छोड़ दें तो बहुत आगे निकल सकते हैं।

 

 

धनु लग्न के जातकों की आकृति 

धनु जातकों का चेहरा लम्बा होता है, गर्दन लम्बी होती है, कद मझलें और लम्बे व्यक्ति के बीच का होता है, शरीर कुछ मोटापा लिए हुए होता है, सुन्दर आंखे होती है, सर पर घने बाल और कुछ भूरापन लिए हुए होते है। 

उनका स्वाभाव खुशमिजाज होता है, उनके चेहरे पर हर समय एक मुस्कान सी रहती है, उनका हष्ट पुष्ट शरीर उनको आकर्षक बनता है, जिससे वे आकर्षक व्यक्तित्व के लगते है, चौड़े और बलशाली कंधे होते है, जो उन्हें अच्छा बलशाली बनता है। 

 

धनु लग्न के जातकों की मानसिक प्रवृत्ति 

Dhanu lagn के जातक बुद्धिमान और चतुर व्यक्ति होते है, उनकी शिक्षा में अच्छी रूचि होती है और सभी तरह के विषयों को पढ़ने के वह बहुत शौकीन होते है। शांत स्वाभाव के होते है और खगोल-विज्ञान, ज्योतिष, नक्षत्र-विद्या, रहस्यमई विध्यायों में रूचि रखने वाले होते है।

शिल्प और साहित्य, साहित्यक रचना में धनु जातकों की बहुत रूचि रहती है। 

धनु जातक ईश्वर में बहुत विश्वास रखते है, और ईश्वर के अलावा वे किसी से नहीं डरते, वे अपने जीवन में ईमानदारी और मर्यादाओं में रहकर चलना पसंद करते है, किसी भी तरह का आडम्बर बिलकुल भी पसंद नहीं करते। 

Dhanu lagn के जातकों में एक विशेष बात यह देखी गई है की किसी भी घटना का उन्हें पूर्वाभास हो जाता है। 

अगर Dhanu lagn के जातकों के किसी अवगुण की बात की जाय तो, उनका किसी भी कार्य को लेकर उतावलापन होता है, उनमें धैर्य की बहुत कमी होती है, उनकी इसी जल्दबाजी और उतावलेपन की वजय से वे बहुत बार नुकसान में भी रहते है। 

इसके आलावा उनके अवगुणों में उनका खान पान आता है, खाने के वे बहुत शौकीन होते है, जिसकी वजय से वे अपने मोटापे के रोक नहीं पाते और पेट की कई बीमारियों को ले बैठते है। 

 

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धनु लग्न के शुभ ग्रह

धनु लग्न वालों के लिए मंगल सबसे अधिक शुभ ग्रह होता है।
सूर्य धनु लग्न वालों के लिए भाग्योदय का कारक होता है।

 

धनु के लिए लाभकारी रत्न

Dhanu lagn के लिए पुखराज बेहद लाभकारी रत्न होता है,
लाल मूंगा भी Dhanu lagn के लिए बहुत लाभकारी रतन होता है,
भाग्य का स्वामी होने के कारण सूर्य का माणिक रत्न भी Dhanu lagn वालों के लिए बहुत लाभकारी होता है।

 

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धनु लग्न के लिए निषेद रत्न

Dhanu lagn के जातकों को कभी भी हीरा धारण नहीं करना चाहिए।
Dhanu lagn वालों को गोमेद भी कभी भी धारण नहीं करना चाहिए
Dhanu lagn के लिए नीलम कुंडली की स्थिति के अनुसार धारण करना लाभकारी हो सकता है।

Dhanu lagn वालों के लिए शुभ रंग पीला, लाल ,और ,गुलाबी है।

नीले और हरे रंग धनु जातकों के लिए शुभ नहीं होते हैं।

वैसे तो धनु लग्न वाले सभी ग्रहों की आराधना कर सकते हैं। लेकिन धनु लग्न वाले अगर भगवान विष्णु और सूर्य की उपासना करें तो जीवन में उन्हें निरंतर उन्नति और तरक्की प्राप्त होती है, हर तरह के कष्टों से दूर रहते हैं।

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