कन्या लग्न में जन्म लेने वालों की विशेषताएं,व्यक्तित्व, प्रेम सम्बन्ध, व्यापार,व्यवसाय और पारिवारिक जीवन

कन्या लग्न में जन्म लेने वालों की विशेषताएं,व्यक्तित्व, प्रेम सम्बन्ध, व्यापार,व्यवसाय और पारिवारिक जीवन

कन्या लग्न में जन्म लेने वालों की विशेषताएं

कन्या लग्न के स्वामी बुध होते हैं, कन्या लग्न के लिए बुध धन के स्वामी होते हैं। बुध ग्रह की दो राशि होती है मिथुन और कन्या। लेकिन दोनों राशियों के स्वभाव में बहुत अंतर होता है।
शुक्र, और चंद कन्या लग्न वालों के लिए बहुत ही शुभ और बहुत ही योगकारक ग्रह होते है।

सत्य इनके जीवन का अवलंबन होता है । मारपीट के कार्य इनके बस में नहीं है । अच्छे उपदेशक भी हो सकते हैं । ईमानदारी भी इनके जीवन का ध्येय होता है । ऐसे लोगों की बातों से कोई निष्कर्ष निकालना आसान नहीं होता क्योंकि ऐसे व्यक्ति द्विअर्थी बातें करते हैं । विद्या अध्ययन की ओर विशेष रुझान रहता है । स्त्रियोचित , सुकुमारता , कोमलता , लज्जा , भावुकता और मातृत्व प्रेम स्नेह आदि गुण सहज हीं इनमे पाए जाते हैं ।

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कन्या लग्न वालों का व्यक्तित्व

कन्या लग्न के लोग मध्यम कद होते हैं। बुद्धि के बहुत तेज होते हैं, कुशाग्र बुद्धि होती है, स्वभाव से इमोशनल होते हैं भावनात्मक होते हैं। शर्मीले स्वभाव के होते हैं। कन्या लग्न वाले अपनी उम्र से छोटे ही दिखते हैं। उनकी त्वचा बहुत अच्छी और आकर्षक होती है।कन्या लग्न में जन्म लेने वाले जातक का स्वभाव प्रायः स्त्रियों जैसा होता है । उनमें स्त्रियोचित कोमलता सहज ही पाई जाती है । रचनात्मक कार्यों में उसकी प्रवृत्ति विशेष रूप से रहती है । रंग गोरा होता है । तीखे नाक नक्श , सुंदर बनावट , उन्नत ललाट , पैनी लंबी और काली आंखें , तीखे उठे हुए नाक , पतले पतले होठ एवं उभरी हुई ठोड़ी इनके व्यक्तित्व में देखी जा सकती है ।

बुध कुमार ग्रह है। ग्रहों में बुध ग्रह को राजकुमार माना जाता है। कन्या लग्न वालों की पर्सनैलिटी बहुत आकर्षक और वाइब्रेंट होती है। नई-नई चीजें सीखने के लिए प्राय ज्ञान अर्जित करते रहते हैं।

ऐसे व्यक्ति हंसमुख , चतुर और सफल मित्र सिद्ध होते हैं । ऐसे व्यक्ति भावना प्रधान होते हैं । कठोर और कर्कश कार्यों में यह पूर्णत असफल रहते हैं । युद्ध आदि कार्यों से घृणा करते हैं । ऐसे व्यक्ति सफल मनोवैज्ञानिक हो सकते हैं । मनुष्य को परखने और कुछ ही क्षणों में उसके अंदर में बैठने की इनमें गजब की शक्ति होते हैं । अपने सिद्धांतों को सर्वोपरि समझते हैं एवं इन सिद्धांतों के आधार पर ही दूसरों को देखने का प्रयत्न करते हैं । न्याय प्रियता में इनकी गहरी आस्था होती है । शांति कार्यों में यह सफल होते हैं ।

कन्या लग्न के जातकों में काम करने की लगन बहुत मजबूत होती है। कन्या लग्न वाले अगर किसी काम को करने की ठान ले तो उस काम को वह करके ही छोड़ते हैं।
कन्या लग्न वालों के अंदर किसी भी काम को लेकर बहुत जुनून रहता है लेकिन उनके मन का कार्य होना चाहिए। इसी के साथ साथ कन्या लग्न वाले कुछ आलसी प्रवती के भी होते हैं।

लग्नानुसार रत्न निर्धारण

कन्या लग्न वाले सिर्फ अपने विषय में ही सिर्फ सोचते हैं , अपने स्थान को हमेशा पहले रखते हैं। अपने ही बारे में पहले सोचते हैं।
कन्या लग्न के परिवार वाले अधिकतर पढ़े लिखे होते हैं। व्यापारी वर्ग से होते हैं

कन्या लग्न वाले जातकों के संबंध अपने भाई बहनों से बहुत अच्छे होते हैं। कन्या लग्न वालों के बहुत अधिक दोस्त नहीं होते हैं क्योंकि कन्या लग्न वाले सिर्फ अपने काम को पसंद करते हैं , हमेशा अपनी ही बातों को प्राथमिकता देते हैं इसलिए इनके दोस्तों की संख्या कम ही होती है।

अधिकतर यह अपने आप में ही मस्त रहते हैं । दूसरे इनके बारे में क्या सोचते हैं क्या कहते हैं या क्या धारणा बनाते हैं इसकी परवाह नहीं करते ना दूसरों के सुझाए बात स्वीकार करते हैं । यह तो वही कार्य करते हैं जो इन्हें अच्छा लगता है । यदि ऐसे व्यक्ति राजनीति क्षेत्र में होते हैं ,तो सफल होते हैं । जनता पर अपने विचारों को जमा देना , या भीड़ को अपने पक्ष में कर लेना , अथवा जनता को वाणी के माध्यम से अपने अनुकूल बना लेना इनके लिए सुगम होता है । भाषण करने की शक्ति विद्यमान रहती है ।

प्रेम सम्बन्ध

प्रेम के क्षेत्र में अत्यधिक भावुक होते हैं तथा विपरीत लिंग में अपना सर्वस्व भी देने में हिचकिचाहट नहीं करते हैं । मित्रता के नाम पर यह बड़े से बड़ा त्याग करने को प्रस्तुत रहते हैं । इस प्रकार के व्यक्ति एक सफल प्रेमी , सफल दार्शनिक और सफल मित्र सिद्ध हो सकते हैं ।

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व्यापार,व्यवसाय

कन्या लग्न के जातक ब्रिलियंट होते है ,इंटेलिजेंट होते है। कन्या राशि अपने-आप में बहुत मजबूत राशि है। बुध बुद्धि का कारक है। जातक अपनी बुद्धि से जीवन में कुछ भी हासिल कर सकता है। यह द्विस्वभाव लग्न है ,कन्या लग्न वाले बहुत ही महत्वकांशी होते हैं और जीवन में हमेशा एक से अधिक जगहों पर अपने पैर जमाना चाहते हैं और सफलता पाना चाहते हैं। यही कारण है कि कन्या लग्न वाले जीवन में कंफ्यूज रहते हैं। कन्या लग्न के जातकों में बुद्धि कौशल की कहीं कोई कमी नहीं होती।
कन्या लग्न के जातक बहुत ही विलक्षण बुद्धि के होते हैं और इसीलिए वह कई विषयों के ज्ञाता होते हैं।
कन्या लग्न के जातकों को प्राय उच्च पदों पर देखा गया है। चिकित्सा जगत से जुड़े हुए हो सकते हैं ,व्यवसाय से जुड़े हो सकते हैं ,पत्रकारिता, एग्रीकल्चर, लेखक होते हैं, और साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों में भी होते हैं। कुल मिलाकर कन्या लग्न के जातक बहुत ही प्रतिभाशाली होते हैं।

ऐसे व्यक्ति डॉक्टर , नर्स , निर्णय प्रधान कार्य आदि में सफलता प्राप्त करते हैं । ऐसे व्यक्ति कल्पनाशील होते हैं और कल्पना में ही जीवित रहते हैं । जीवन की कठोर परिस्थितियों में तुरंत ही घबरा उठते हैं तथा हवाई किले बनाना कल्पनाएं में ही लाखों के वारे न्यारे करना इनके स्वभाव का अंग बन जाता है । यथार्थता की अपेक्षा कल्पना में ज्यादा जीवित रहते हैं।

लग्न और रत्न

पारिवारिक जीवन

कन्या लग्न के जातक बहुत अच्छे पति भी होते हैं और वह अपने जीवन साथी के हर कार्यों में सहयोग करते हैं। कन्या लग्न के जातक घर के कामों को भी बड़ी खुशी खुशी करते हैं और उन्हें कुकिंग का भी काफी शौक होता है।
कन्या लग्न के जातक किसी भी कार्य को बहुत ही सोच समझ कर जांच परख कर करने वाले होते हैं। वह किसी भी कार्य को जल्दबाजी में नहीं करते हैं।

शुभ अशुभ रत्न

कन्या लग्न वालों का शुभ रत्न पन्ना होता है और शुभ रंग हरा होता है।

कन्या लग्न के जातकों के लिए पन्ना रत्न बहुत ही शुभ होता है।

कन्या लग्न के जातकों को जीवन में सफलता पाने के लिए विष्णु जी की आराधना करनी चाहिए।
कन्या लग्न के जातकों के लिए पीला पुखराज, सफेद पुखराज, हीरा भी काफी शुभ रत्न साबित होते है।
कन्या लग्न के जातकों को कभी भी मंगल का रत्न मूंगा धारण नहीं करना चाहिए।

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सूर्य रत्न माणिक्य कौन धारण कर सकते है पन्ना रत्न किसे पहनना चाहिए