कटैला , Amethyst रत्न धारण करने के लाभ, फायदें और जानकारी

कटैला (Amethyst)

कटैला (Amethyst) जामुनी रंग का सुंदर रत्न है। जिसका अपेक्षित घनत्व 2.7 है। यह क्वार्ट्ज की जाति का एक रत्न है। यह रत्न जर्मनी, श्रीलंका,भारत और बर्मा की खानों में मिलता है।

इस रत्न को अंग्रेजी में Amethyst कहते हैं। यह बैंगनी रंग का रत्न है। कटैला (Amethyst) जितने गहरे रंग का होगा उतना ही लाभप्रद होगा।
कटैला (Amethyst) रत्न ऐसा रत्न है जिसे कोई भी व्यक्ति धारण कर सकता है,इसका प्रभाव सदा शुभ ही रहता है।
सब रत्नों में यही एक ऐसा रत्न है जो कभी भी अशुभ प्रभाव नहीं देता है।कटैला (Amethyst) धारण करने से जातक को क्रोध नहीं आता है,मानसिक शांति मिलती है,शनि के शुभ प्रभाव प्राप्त होते है,, नफरत आदि बुरे काम करने से रोकता है और जिससे मानसिक शांति और संतोष मिलता है।

कटैला (Amethyst) रत्न कुम्भ,मकर और मीन राशि वालो के लिए बहुत शुभ होता है, इन राशि वालें व्यक्तियों को इस रत्न के धारण करने से जीवन में बहुत सफलता मिलती है व्यापार व्यवसाय में सफलता मिलती है,धन आगमन बढ़ जाता है और सामाजिक मान सम्मान की प्राप्ति होती है।

कटैला (Amethyst) का लॉकेट गले में धारण करने से नजर नहीं लगती,भूत ,प्रेत ,जादू टोना आदि का प्रभाव बिलकुल भी नहीं पड़ता है। कटैला (Amethyst) रत्न को गले में धारण करने से मूर्छा संबंधी रोग या नींद ना आने के रोग दूर हो जाते हैं।

अगर पति पत्नी,प्रेमी प्रेमिका का आपस में मतभेद और समस्या अलगाव तक पहुँच जाये तो दोनों को कटैला (Amethyst) की चांदी की अँगूठी मध्यमा ऊँगली में धारण करनी चाहिए, ऐसा करने से दोनों में प्रेम बढ़ जायेगा और सदा के लिए प्रेम बना रहेगा।

कटैला (Amethyst)
कटैला (Amethyst)

लोग ईश्वर की पूजा करने के लिए इसकी माला बनाकर अपने धर्म अनुसार याद किया करते हैं। सिर दर्द होने पर इसको रेशमी कपड़े में लपेटकर कान या माथे पर बांधा करते हैं।

प्राचीन काल में यूनानीयों का विश्वास था कि इस रत्न से बने प्याले में शराब पीने से नशे का प्रभाव नहीं होता है। रोमन स्त्रियां अपने मर्दों की वफादारी प्राप्त करने के लिए अपने पास यह रत्न रखा करती थी।

पुराने जमाने में लोगों की राय थी कि इस रत्न में विष से बचाने का गुण है। इस रत्न के प्याले में यदि विषैली दवा पी ली जाए तो विष प्रभावहीन हो जाता है और पीने वाली चीजें विषैली होने पर कटैला (Amethyst) के बर्तन की चमक फीकी पड़ जाती थी।

शराब की आदत छोड़ने के लिए इसको अपने पास रखा जाता था। कटैला (Amethyst) बने प्याले में आदत छुड़ाने के लिए शराब पिलाई जाती थी एक जर्मन ने 19वीं शताब्दी में लिखा है कि इस रत्न को धारण करने से या पास रखने से मनुष्य चोरों के आक्रमण से बचा रहता है।

यूनान के लोग कटैला (Amethyst) के बने प्याले में शराब पिया करते थे। उनका विश्वास था कि कटैला (Amethyst) के प्याले में शराब पीने से मनुष्य बेहोश नहीं होता।

इस्रायलियो (यहूदियों) का विश्वास है कि इस रत्न को धारण करने वाले को नींद में सुखद स्वप्न आते हैं, इसलिए उन्होंने इस रत्न का नाम मीठे स्वप्न रख दिया था।

चार्ल्स रेड ने अपनी एक पुस्तक में लिखा है की कटैला (Amethyst) करने करने वाले में वीरता की भावनाएं पैदा होने लग जाती हैं। दूसरा रत्न कटैला (Amethyst)धारण करने से स्त्रियों में पवित्रता और सतीत्व की रक्षा होती है। मनुष्य विष के प्रभाव से बचा रहता है तथा शराब पीने की आदत छूट जाती है

कटैला (Amethyst) को प्राचीन काल में विपत्तियों से बचाने वाला सफल रत्न समझा जाता था। जो रोगी चिंतित रहते हैं, जिनका मस्तिष्क बेचैन रहता है, मस्तिष्क में उत्तेजना आ जाती है, रक्त संचार में तेजी आ जाती है, और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है, जिनके मन को शांति नहीं मिलती है, जिसके कारण उनको नींद नहीं आती, तो ऐसे व्यक्ति को कटैला (Amethyst) को locket में जड़वाकर धारण करना चाहिए। उनके सब कष्ट दूर हो जाएंगे।

कटैला , AMETHYST रत्न
कटैला , AMETHYST रत्न

पुराने जमाने में यह समझा जाता था कि इस रत्न को धारण करने से पानी की अत्यधिक प्यास और शराब पीने की आदत कम हो जाती थी। बड़े-बड़े विशेषज्ञों की राय में इसको धारण करने से मनुष्य अपना जोश,तीव्र भावनाएं, क्रोध, दुख और मानसिक आघात को सहन कर सकता है।

क्वार्ट्ज और बिल्लौर की समस्त जातियों में कटैला (Amethyst) सर्वोत्तम और बहुमूल्य रत्न माना जाता है। यह कई रंगों में मिलता है। पारदर्शी, केसरी, लाल और जामुनी। इस रत्न का रंग एक जैसा नहीं होता, कहीं गहरा होता है तो कहीं हल्का रंग, कहीं रेखा के रूप में ,चीर और दरार युक्त।

बहुत तेज धूप में रखने से इसका रंग फीका पड़ जाता है। गर्म करने पर इसका रंग उड़ जाता है और गोरापन लिए पीला हो जाता है। कटैला (Amethyst) को आग में गर्म करके पीले रंग के बनाए जाते हैं। गहरे रंग और बेदाग कटैला (Amethyst) का बहुत सम्मान किया जाता है और अधिक मूल्य में बिकता है।

साइबेरिया रूस का कटैला (Amethyst) ज्वेलरी के लिए सर्वोत्तम समझा जाता है। सर्वोत्तम प्रकार के कटैला (Amethyst) अंगूठियों और जेवरों में भी जड़े जाते हैं। छोटे कटैला (Amethyst) के रत्नो से छोटी छोटी डिब्बियां,छतरियों के दस्ते,पेन रखने के स्टैंड आदि वस्तुएँ तैयार की जाती है।

19वीं सदी के आरंभ में इंग्लैंड की मल्लिका चारलोट के कटैला (Amethyst) के बने गले के हार का मूल्य 2000 पौंड दिया गया।

ईसाइयों की पवित्र पुस्तक बाईबल में कटैला (Amethyst) का वर्णन मिला है और कटैला (Amethyst) को रत्नों में सम्मलित किया गया है। आजकल अधिकतर कटैला (Amethyst) ब्राजील और उरुग्वे से आते हैं। इसके अतिरिक्त अमेरिका, मेक्सिको, श्रीलंका, बर्मा ,भारत आदि की खानों से भी कटैला (Amethyst) निकाले जाते हैं

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