पन्ना रत्न किसे धारण करना चाहिए, बुध ग्रह का रत्न पन्ना पहनने के क्या फायदे है

पन्ना रत्न किसे धारण करना चाहिए, बुध ग्रह का रत्न पन्ना पहनने के क्या फायदे है 

 

Image by Engin Akyurt from Pixabay
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पन्ना रत्न

पन्ना रत्न किसे धारण करना चाहिए, बुध ग्रह का रत्न पन्ना नवरत्नों में से एक रत्न है, आइये इस पोस्ट में जानते है की ‘पन्ना रत्न किसे पहनना चाहिए‘ और क्या है “पन्ना रत्न पहनने के फायदे

 

पन्ना रत्न पहनने के फायदे

बुध ग्रह के शुभ और लाभकारी फलो की प्राप्ति के लिए बुध ग्रह का रत्न पन्ना धारण किया जाता है। पन्ना बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है,बुध ग्रह के लिए Panna Ratn को ही सर्वश्रेष्ठ रत्न माना गया है

पन्ना बुध का रत्न है, बुध ग्रह को बुद्धिमानी, ज्ञान और प्रखर वाणी का स्वामी माना गया है। इसलिए पन्ना धारण करने से बुद्धिमानी, ज्ञान और प्रखर वाणी की प्राप्ति होती है। 

पन्ना धारण करने से नौकरी और व्यवसाय  में आ रही रुकावटें ख़त्म होती है। अगर कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है या शत्रु ग्रह की दृष्टि पड़ रही है तो पन्ना ratn धारण किया जा सकता है। 

बुध ग्रह बुद्धि, कला,वाकपटुता,रचनात्मकता और ज्ञान का कारक ग्रह है, इन सभी गुणों की प्राप्ति के लिए पन्ना रत्न धारण करना चाहिए। व्यापार, बिज़नेस की बढोतरी के लये भी Panna Ratn को काफी कारगर माना गया है। 

Panna Ratn बहुत ही खूबसूरत गहरे हरे, हलके हरे, तोते के रंग के समान हरे रंगों में पाया जाता है। 

 

पन्ना रत्न को कई नामों से पुकारा जाता है , जैसे :-

  • हिंदी में :- पन्ना 
  • संस्कृत में  :- पन्ना, मरकत, पाची, हरित मणि आदि 
  • फारसी में :- जमुईद, जमरन 
  • अंग्रेजी में :- एमराल्ड 

पन्ना एक प्राचीन रत्न माना गया है, प्राचीन काल से Panna Ratn को बहुप्रचलित और  मूल्यवान ‘नवरत्नों’ में से एक रत्न माना जाता है। 

पन्ना बैरुज जाती के एक पत्थर का अंश माना जाता है। खदान से निकलने पर पन्ना षठकोणीय रूप में प्राप्त होता है और फिर उसको बहुत ही सुंदर आकारों में रत्नों का रूप दिया जाता है। 

पन्ना एक विशिष्ट जाति का रत्न होता है।  अच्छे गहरे हरे रंग का, नरम, कोमल, हरी मखमली घास के समान पन्ना बहुत उत्तम माना जाता है। पन्ना गहरे हरे रंग से लेकर हल्के हरे रंग तक के सभी रत्नों रंगों में प्राप्त होता है। सुंदर गहरे हरे रंग का, साफसुथरा, दाग रहित पन्ना सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। 

Panna Ratn कभी भी कांच के समान साफ नहीं होता है, पन्ना हमेशा अंदर से जाल युक्त रहता ही है। 


पन्ना रत्न किसे पहनना चाहिए

शिव पुत्र श्री गणेश भगवान को बुद्धि और शिक्षा का देवता माना जाता है, और बुध ग्रह के भी अधिराज माने जाते है।  

Panna Ratn बुध के सकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है, एवं नकारात्मक प्रभाव को कम करता है। Panna Ratn के प्रभाव से व्यापार और धन में वृद्धि होती है। 

बच्चों की पढ़ाई हेतु भी पन्ना विशेष फल प्रदान करता है। पन्ना रत्न के प्रभाव से बच्चों की बुद्धि कुशाग्र होती है, उनके आत्मविश्वास में भी विशेष वृद्धि होती है। 

पन्ना मानसिक अशांति को कम करने में मदद करता है, व्यक्ति के शरीर के तंत्र को नियंत्रित करता है। जिगर, फेफड़े, जीभ, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र इत्यादि रोग में सहायक होता है। 

पन्ना रत्न धारण करने से बुद्धि को बल प्राप्त होता है, दिमाग को एकाग्रता प्रदान करता है। बौद्धिक क्षमता के साथ साथ Panna Ratn धारण करने से वाणी की बहुत अच्छी शक्ति प्राप्त होती है। 

कारोबार, व्यवसाय और आर्थिक स्तिथियों की बढ़ोतरी के लिए तो Panna Ratn को सर्वश्रेष्ठ माना ही गया है। 

भारत में Panna Ratn अजमेर व उदयपुर की खानों से प्राप्त होते हैं।  पन्ना कोलंबिया, ब्राज़ील, पाकिस्तान, रूस, मिस्र, मेडागास्कर, रेडेशिया आदि अन्य देशों में भी प्राप्त होते हैं। 

कोलंबिया का पन्ना सर्वश्रेष्ठ प्रजाति माना जाता है। रत्नों के बाजार में भी कोलंबिया के पन्ने की सर्वाधिक मांग रहती है, क्योंकि कोलंबिया का पन्ना बहुत सुंदर रंग, साफ सफाई और पानीदार होता है। इसलिए कोलंबिया का पन्ना सबसे उत्तम पन्ना होता है। 

Panna Ratn अपारदर्शी और पारदर्शी दोनों रूपों में प्राप्त होता है। जो रत्न कम पारदर्शी होते हैं, वह कम कीमत के रत्न माने जाते हैं। पन्ने में कुछ बादल जैसे रेशेंआते ही हैं।  एकदम निर्दोष किसी भी तरह का दोष रहित पन्ना प्राप्त होना काफी मुश्किल है।

 

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पन्ना धारण करने के लाभ 

पन्ना धारण करने से उत्तेजना एवं मादक भाव पैदा होते हैं, पुराने समय में राजा महाराजा पन्ने के बने प्यालो में शराब का सेवन किया करते थे। उनकी ऐसी मान्यता थी कि पन्ने के बने प्यालों में शराब पीने से शराब का नशा कई गुना बढ़ जाता है। 

पन्ना धारण करने से नेत्र के रोगों में भी काफी आराम मिलता है। 

पन्ना धारण करने से ज्वर में भी काफी आराम मिलता है। 

पन्ना शरीर को बलिष्ट बनाता है और धारणकर्ता में पौरूष शक्ति की वृद्धि भी करता है। 

पन्ना धारण करने से व्यक्ति शांत और संयमित हो जाता है। मानसिक रूप से शांति की प्राप्ति होती है और व्यक्ति का चंचल मन शांत और एकाग्र हो जाता है। 

जिन व्यक्तियों को अधिक क्रोध, अशांति और काम आदि समस्याओं की परेशानी है, पन्ना धारण करने से उन व्यक्तियों को शांति प्रदान होती है। 

शिक्षा से जुड़े हुए विद्यार्थियों के लिए Panna Ratn तो एक अति उत्तम श्रेष्ठ रत्नों की गिनती में आता है। बुद्धि को एकाग्र करना और बुद्धि को शक्ति और बल प्रदान करने के लिए पन्ने के रत्न को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। 

 

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रोग और पन्ना 

पन्ना धारण करने से दैहिक बल एवं सुंदरता में वृद्धि होती है। 

पन्ना पुराना ज्वर , वमन , जहर , बवासीर इत्यादि रोगों में अति लाभदायक है। 

पथरी, मूत्र रोग  आदि में पन्ना की भस्म लाभदायक होती है। 

 

पन्ना रत्न पहनने से क्या लाभ है?

Panna Ratn व्यापार और शिक्षा और बौद्धिक क्षमता का रत्न माना जाता है। कारोबर, शिक्षा और धन कमाने के लिए Panna Ratn बहुत शुभ माना जाता है। इसको धारण करने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में सफलता प्राप्त होती है, विदेशों में नौकरी के अवसर प्राप्त होते है। 

कारोबारियों का कारोबार बढ़ता है और धन कमाने के अवसर बार बार प्राप्त होते है। 

दिल दिमाग को शांत रखते हुए किसी भी कार्य में एकाग्रता बढ़ाता है। 

 

पन्ना रत्न कितने दिनों में असर दिखाता है?

अगर आप उत्तम दर्जे का, शुद्ध ,साफसुथरा, दाग रहित पन्ना धारण करते है तो पन्ना रत्न १ महीने के अंदर अपने प्रभाव दिखाना शुरू कर देता है। 

साथ ही पन्ना धारण करने से पूर्व, पूर्ण विधि विधान से इसे अभिमंत्रित और सिद्ध कर लेना आवश्यक होता है। 

Panna Ratn पुरे आदर एव विश्वास से धारण करना चाहिए। 

 

पन्ना रत्न कौन कौन सी राशि वाले पहन सकते हैं?

पन्ना रत्न वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुम्भ राशि वाले जातक धारण कर सकते है। 

सिंह, धनु और मीन राशि वाले जातक भी Panna Ratn धारण कर सकते है, लेकिन इन जातकों को पहले अपनी जन्म पत्रिका का विश्लेषण करवा लेना चाहिए, किन्ही विशेष योगो में यह जातक पन्ना रत्न धारण कर सकते है। 

मेष, कर्क और वृश्चिक जातकों के लिए पन्ना अक्सर लाभदायक नहीं रहता है, इसलिए यह जातक Panna Ratn को avoide ही करे तो अच्छा रहेगा। 

 

पन्ना रत्न कैसे धारण करें?

Panna Ratn बुधवार के दिन ,शुभ मुहूर्त को देखकर, सूर्योदय के बाद धारण करना चाहिए। 

Panna Ratn को स्वर्ण, चांदी या अष्टधातु की अंगूठी में बनवाये। 

Panna Ratn धारण करने से पहले अंगूठी की पूर्ण विधि विधान, बुध मन्त्र का जाप करने के बाद ही धारण करे। 

पूर्वाफाल्गुनी, अश्लेषा, रेवती , पुष्य नक्षत्र नक्षत्रों में Panna Ratn धारण करने से सर्वश्रेष्ठ लाभ प्रदान होता है। अन्यथा पन्ना रत्न किसी भी बुधवार को शुभ मुहूर्त में धारण कर सकते है। 

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