गोमेद स्टोन बेनिफिट्स इन हिंदी

राहु रत्न, गोमेद स्टोन

गोमेद स्टोन राहु ग्रह का रत्न होता है, राहु एक कपटी, झूठा और षड्यंत्रकारी ग्रह है। गोमेद स्टोन राहु ग्रह की तरंगों का संचालन करता है, और व्यक्ति का संपर्क राहु ग्रह के साथ जोड़ता है।

गोमेद का रंग गोमूत्र, गहरा भूरा और हल्का भूरा होता है, काफी गहरा भूरा भी होता है, जिसे हाथ पर रखने से काला दिखता है, और अगर उठा कर सूरज की रौशनी में देखा जाये तो भूरा दिखता है।

गोमेद स्टोन के प्राप्ति स्थान

गोमेद पारदर्शी, अर्द-पारदर्शी और एकदम अपारदर्शी तीनों रूपों में प्राप्त होता है, गोमेद के प्राप्ति स्थान भारत, श्रीलंका, बर्मा, और दक्षिण अफ्रीका है।

भारत में उड़ीसा से प्राप्त होने वाला गोमेद भी अच्छी श्रेणी का होता है, लगभग १०० रूपए प्रति कैरट तक प्राप्त हो जाता है, और उड़ीसा गोमेद के अच्छे प्रभाव देखे गए है,

इसके आलावा भारत में गया का गोमेद भी प्राप्त होता है, यह दिखने में काला, लेकिन उठा कर देखने में गहरा भूरा दिखता है, ५० रूपए कैरट तक मिलने वाले इस गोमेद के प्रभाव भी बहुत अच्छे देखने को मिलते है।

Read Also : रत्नों सम्बंधित जानकारियां

गोमेद स्टोन की जानकारी
गोमेद स्टोन की जानकारी

गोमेद स्टोन की जानकारी

श्रीलंका का गोमेद हाई क्वालिटी का होता है, यहाँ का रत्न बहुत खूबसूरत और शराब के रंग का होता है, पूरा पारदर्शी होता है, और इसकी कीमत २५० रूपए कैरट से शुरू होकर १००० रूपए प्रति कैरट तक जाती है,
और निसंदेह अपनी सुंदरता और पारदर्शिता की वजय से यह बहुत जल्दी अपने प्रभाव देने वाला भी रहता है।

अफ्रीकन गोमेद, आजकल बाजार में अफ्रीकन गोमेद ही ज्यादा बिकते हुए मिलते है, यह गोमेद भी बहुत खूबसूरत रंग और पारदर्शी होते है, इनका प्रभाव श्रींलका और भारत के गोमेद के बाद ही आता है, यह गोमेद १०० से ३०० रूपए कैरट तक प्राप्त हो जाता है।

जब भी गोमेद धारण करे, २,३ मुख्य बातों को ध्यान में रखकर गोमेद रत्न ख़रीदे, पहला की गोमेद कही से तड़का या टुटा हुआ न हो, उसमें काले या लाल धब्बे न हो, गोमेद के ऊपर का हिस्सा साफ सुथरा और चिकना हो।

नवरत्नों में गोमेद को भी स्थान प्राप्त है, गोमेद बहुत कीमती नहीं होता है, आसानी से साधारण कीमत पर उपलब्ध हो जाता है, लेकिन साधारण रत्न होने के बाद भी इसके प्रभाव अपने ग्रह, राहु की ही तरह तुरन्त होते है।
गोमेद साधारण होने के बावजूद भी बहुत जल्दी अपने प्रभावों को दर्शाने वाला रत्न है, यह रत्न धारण करते ही तुरंत अपने प्रभाव देने शुरू कर देता है।

गोमेद स्टोन धारण के प्रभाव

अगर जन्मपत्रिका का विश्लेषण किसी अच्छे विशेषज्ञ से करवाकर धारण किया है, तो निश्चित ही गोमेद के शुभ प्रभाव मिलेंगे, और अगर बगैर समझे या अपनी इच्छा से ही इस रत्न को धारण कर लिया है, तो इसके तुरंत ही हानिकारक प्रभाव मिलने शुरू हो जाते है, जैसे की एक्सीडेंट होने की सम्भावना, अचानक बड़ा आर्थिक नुकसान, अचानक धन चला जाना, अचानक हॉस्पिटल पहुँच जाना, इतियादी।

अगर किसी जातक की कुंडली में राहु शुभ होकर योगकारक है, या राहु की महादशा या अन्तर्दशा चल रही है, तो ऐसे में राहु रत्न गोमेद धारण करना शुभ और लाभकारी रहता है,
धारणकर्ता को अचानक लाभ प्राप्त होने शुरू हो जाते है। अगर व्यक्ति के जुए, सट्टे जैसे कार्य है तो उसमें भी अच्छे लाभ मिलने शुरू हो जाते है, कारखानों और मशीनी कार्यो में लाभ मिलने शुरू हो जाते है, सरकारी क्षेत्रों में उनत्ति मिलनी शुरू हो जाती है, और अगर राजनीती से जुड़े है तो सामने वाला प्रतिद्वंदी परास्त होना शुरू हो जाता है।

Read also: Gemstones and zodiac signs

गोमेद स्टोन धारण के लाभ

राहु एक चालाक और कपटी और षड्यंत्रकारी ग्रह है, इसलिए यह रत्न राजनीती से जुड़े लोगों को अच्छे लाभ के अवसर प्रदान करता है,

ऐसे व्यक्ति जो लॉटरी या कैसिनो जैसे धंदो का संचालन करते है, उन्हें भी गोमेद अच्छे लाभ प्रदान करता है।

राहु का रत्न गोमेद धारण करने से सभी प्रकार मतभेदों, विवादों और मुकदमों में विजय प्राप्त होती है।

भूत-प्रेत, जादू टोना, नजर दोष, किसी ने काम बांध दिया हो, ऐसे में गोमेद को राहु के मंत्रो सिद्ध करके धारण करने से इन सभी परेशनियों से मुक्ति मिलती है।

ट्रांसपोर्ट, मशीनरी, कारखानों, कलपुर्जो, तेल व्यवसाय के कामों में गोमेद धारण करने से अच्छा लाभ प्राप्त होता है।

बहुत आर्थिक मंदी चल रही है, धन नहीं रुकता है, व्यापार ठप है, ऐसे में गोमेद धारण करने से लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होते है।

गोमेद स्टोन किसे धारण करना चाहिए
गोमेद स्टोन किसे धारण करना चाहिए

गोमेद स्टोन किसे धारण करना चाहिए

वृष, मिथुन, कन्या, तुला और कुम्भ राशि या लग्न के व्यक्ति गोमेद धारण कर सकते है, इन जातकों को गोमेद धारण करने के अच्छे लाभ प्राप्त हो सकते है, लकिन फिर भी एक बार कुंडली विश्लेषण के लेना चाहिए।

किसी व्यक्ति की जन्मपत्रिका में राहु १,४,५,७,९ भावों में विराजमान हो तो गोमेद धारण करने से लाभ प्राप्त होते है, सफलता और उनत्ति मिलती है ।

राजनीती में सफलता प्राप्ति के लिए गोमेद धारण करना शुभ होता है।

अगर किसी की जन्म पत्रिका में राहु दूसरे या ग्यारहवें भाव में है, तो गोमेद धारण करने से अचानक धन लाभ हो सकता है।

छठे, आठवें और बारहवें भाव में राहु बैठा हो तो, काफी विचार विमर्श के बाद ही गोमेद धारण करे, अगर धारण करते है तो पहले धारण करने के बाद कुछ दिन उसके असर को कुछ दिन देख ले।

Read also: ब्लॉगिंग में अपना करियर कैसे बनाये

गोमेद स्टोन कितने वजन का धारण करे

स्त्रियों और बच्चों को गोमेद ५ से ६ तक का धारण करना चाहिए और पुरुषों को गोमेद ६ से ऊपर, १० कैरट तक का गोमेद धारण करना ही चाहिए।

गोमेद के साथ निषेद रत्न

गोमेद के साथ कभी भी सूर्य का रत्न माणिक्य और चंद्र का रत्न मोती धारण नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से ग्रहण दोष निर्मित हो जाता है, और कई तरह से आर्थिक, शारीरिक, और सामाजिक नुकसान हो सकते है ।
अचानक से कोई बड़ा नुकसान होने की संभावना बन जाती है।

गोमेद धारण विधि

गोमेद हो हमेशा अष्टधातु की अंगूठी में ही बनवाकर धारण करना चाहिए, शनिवार की शाम सूर्यास्त के बाद पुरे विधि विधान और राहु मंत्रो का जाप करने के बाद गोमेद की अंगूठी की मध्यमा ऊँगली में धारण करना चाहिए।

राहु मन्त्र

ॐ रां राहवे नम:।
ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:।
ऊँ ह्रीं ह्रीं राहवे नम:।

तांत्रोक्त मंत्र – ऊँ ऎं ह्रीं राहवे नम:।

Please follow and like us:

Leave a Comment

सूर्य रत्न माणिक्य कौन धारण कर सकते है पन्ना रत्न किसे पहनना चाहिए