१२ लग्नों के अनुसार मोती धारण

इस पोस्ट में हम जानेंगे, १२ लग्नों के अनुसार मोती धारण, चंद्र किस लग्न में क्या नफा नुकसान देता है, और किस लग्न के जातक मोती धारण कर सकते है।

चंद्र का रत्न मोती ,१२ लग्नों के अनुसार मोती धारण

चंद्र ग्रह को शांति और शीतलता देने वाला ग्रह कहा गया है, उसी प्रकार चंद्र का रत्न मोती भी शांति और शीतलता प्रदान करता है।

अगर किसी व्यक्ति को बहुत अधिक क्रोध आता हो, तो उस व्यक्ति को मोती धारण करवाया जाये तो उसका गुस्सा शांत होता है,

अगर किसी व्यक्ति का वैवाहिक जीवन अच्छा नहीं चल रहा है, पति पत्नी की आपस में अनबन रहती है, तो अगर दोनों मोती धारण करे तो, उनमें प्यार बढ़ने लगता है।

अगर कोई व्यक्ति हर समय अनजाने से भय में रहता है, और हर समय चिंताग्रस्त रहता है, तो उस व्यक्ति के मोती धारण करने से उसका मनोबल बढ़ता है और डर ख़त्म होता है।

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आज हम बात करेंगे, जन्मपत्रिका में १२ लग्नों में स्थिति अनुसार मोती धारण करने से लाभ एवं हानि

मेष लग्न की कुंडली में मोती धारण

मेष लग्न की कुंडली में चंद्र चतुर्थ भाव का स्वामी बनता है, चंद्र इस भाव का स्वामी होने से घरेलु सुखों की वृद्धि करता है, माता का सुख प्रदान करता है, घर-माकन, जमीन, संपत्ति और वाहन सुख प्रदान करता है,

मेष लग्न का व्यक्ति अगर मोती धारण करता है, तो वह अपनी मेहनत से धन, संपत्ति, घर- मकान का निर्माण करता है, इसलिए इस लग्न जातकों को मोती आवश्य धारण करना चाहिए।

वृष लग्न की कुंडली में मोती धारण

वृष लग्न की कुंडली में चंद्र तृतीय भाव का स्वामी होता है, तृतीय भाव उपचय भाव माना जाता है, उपचय यानि नुकसान , तृतीय भाव भाई, बहनों, और मेहनत और परिश्रम का भाव होता है,

इसलिए अगर जन्म पत्रिका में चंद्र शुभ भाव में हो, तभी किसी जोतिषचार्य की सलाह के साथ मोती रत्न धारण करना चाहिए।

मिथुन लग्न की कुंडली में मोती धारण

मिथुन लग्न की कुंडली में चंद्र दूसरे भाव का स्वामी बनता है, और ज्योतिष में दूसरे भाव को मारक भाव बोला गया है, मारक मतलब नुकसानकारी,

इसलिए ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मारक भाव का रत्न धारण करना निषेद कहा गया है। मिथुन लग्न के जातकों को मोती धारण नहीं करना चाहिए।

कर्क लग्न की कुंडली में मोती धारण

कर्क लग्न की कुंडली में चंद्र खुद लग्नेश मतलब अपना स्वामी होता है, कर्क लग्न के जातकों को तो अपने जीवन की उनत्ति, स्वास्थय, धन, भाग्य, शिक्षा , सुख के लिए मोती जरूर धारण करना चाहिए।

कर्क लग्न के जातकों को ताउम्र मोती धारण करके रहना चाहिए।

सिंह लग्न की कुंडली में मोती धारण

सिंह लग्न की कुंडली में चंद्र बारहवें भाव का स्वामी है, बारहवां भाव खर्चो का भाव है, स्वास्थय का भाव है, जो की शुभ नहीं है,

इसलिए अगर सिंह लग्न के जातक मोती धारण करेंगे, तो उनके स्वास्थय में गिरावट आएगी, व्यर्थ के फिजूलखर्च बढ़ेंगे, कार्यों में रुकावटों के योग बनेंगे,

इसलिए सिंह लग्न के जातकों को कभी भी मोती धारण नहीं करना चाहिए।

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कन्या लग्न की कुंडली में मोती धारण

कन्या लग्न की कुंडली में चंद्र लाभेश यानि ग्यारहवें भाव का स्वामी बनता है, यह स्थान जीवन में लाभ और धन लाभ देने वाला है, इसलिए कन्या लग्न के जातक चंद्र की महादशा में मोती धारण कर सकते है,

महादशा के अलावा अगर मोती धारण करना चाहते है, तो किसी ज्योतिषाचार्य से परामर्श करने के बाद धारण करे।

वृश्चिक लग्न की कुंडली में मोती धारण

वृश्चिक लग्न की कुंडली में चंद्र भाग्य स्थान यानि नवम भाव का स्वामी बनता है, नवम भाव उच्च शिक्षा, धार्मिक कार्य, भाग्योदय, धन लाभ देने वाला है,

इसलिए वृश्चिक लग्न के लग्न जातकों के लिए मोती धारण करना बहुत शुभ होता है, जीवन के लिए उनत्तिदायक होता है।

धनु लग्न की कुंडली में मोती धारण

धनु लग्न की कुंडली में चंद्र अष्टमेश यानि आठवें भाव का स्वामी बनता है, आठवां भाव मृत्यु, मुफलिसी, परेशानियों, बीमारियों का स्थान है,

इस भाव में चंद्र इन्ही सब का देनदाता बनता है, इसलिए धनु लग्न के जातकों को कभी भी मोती धारण नहीं करना चाहिए।

मकर लग्न की कुंडली में मोती धारण

मकर लग्न की कुंडली में चंद्र सप्तम भाव का स्वामी बनता है, इस भाव में चंद्र वैवाहिक जीवन और कारोबार का संचालक बनता है, हालांकि, चंद्र इस भाव में शुभता प्रदान करता है, फिर भी ज्योतिषशास्त्र में सप्तम भाव को मारक स्थान का दर्जा दिया है, जिसे शुभ नहीं माना जाता।

चंद्र इस भाव का स्वामी होने से पति पत्नी के सुख वृद्धि करता है, अच्छा व्यापार दे सकता है, फिर भी इस लग्न के जातक मोती धारण से पहले किसी ज्योतिष से सलाह आवश्य ले ले।

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कुम्भ लग्न की कुंडली में मोती धारण

कुम्भ लग्न की कुंडली में चंद्र छठे भाव का स्वामी बनता है, छठा भाव परेशानियों, कर्जों, मुकदमों, लड़ाई झगड़ो, और बीमारियों का है,

इसलिए कुम्भ लग्न के जातकों को कभी भी मोती धारण नहीं करना चाहिए।

मीन लग्न की कुंडली में मोती धारण

मीन लग्न की कुंडली में चंद्र पंचम भाव का स्वामी बनता है, पंचम भाव सुख समृद्धि, विध्या, संतान सुख, धन का स्वामी है,

इस लग्न के जातकों को मोती धारण करने से जीवन में उनत्ति, तरक्की, और सफलता प्राप्त होती है, इस लग्न के जातकों को मोती जरूर धारण करना चाहिए।

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