मिथुन लग्न की विशेषताएँ उनका व्यक्तित्व, शारीरिक रूप, शिक्षा,आजीविका के साधन क्या होते है

मिथुन लग्न की विशेषताएँ उनका व्यक्तित्व, शारीरिक रूप, शिक्षा,आजीविका के साधन क्या होते है

Image by Dorothe from Pixabay
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मिथुन लग्न की विशेषताएँ

मिथुन लग्न के जातक कैसे होते है, कैसा होता है उनका व्यक्तित्व और उनका व्यहवार, उनकी आजीविका के साधन क्या होते है, और मिथुन लग्न की विशेषताएँ

मिथुन लग्न

मिथुन लग्न के जातकों के गुण एवं विशेषताएं

मिथुन लग्न के जातक अस्थिर व्यक्तित्व के होते है, वे किसी भी कार्य को स्थिरता से नहीं कर पते। इतना जरूर है की अपने इसी अस्थिर व्यवहार की वजय से वे अपने को हर प्रकार की परिस्थितियों के अनुरूप अपने को ढाल लेते है। 

वायु तत्व लग्न होने से मिथुन जातक बहुत कल्पनाशील होते है, कल्पनाओं में खोये रहते है और बड़े बड़े ख्वाब देखते रहते है। 

मिथुन जातकों में चतुरता जन्मजात ही रहती है, वे बहुत चतुर, बुद्धिमान और स्वाभिमानी व्यक्तित्व के होते है। बहुत रचनात्मक होते है, और जिस किसी काम में भी बुद्धि का प्रयोग होता है, उसमें वे सबसे आगे रहते है, किसी भी कार्य में बुद्धि का इस्तेमाल किये बिना वे नहीं करते। 

पढ़ने लिखने के बहुत शौकीन होते है, लेखन-पठन में उनका बहुत शौक होता है। बहुत मृदुभाषी होते है, अभूत सोच समझ कर और संयम से बात करने वाले होते है। स्त्री वर्ग में इनकी अच्छी लोकप्रियता रहती है। बुद्धिमान होने की वजय से जाने माने व्यक्ति और उच्चप्रतिष्ठित लोगों में इनका अच्छा उठना बैठना रहता है। इनके मिलनेवाले और मित्र भी पढ़े लिखे और अच्छे उच्च वर्ग के लोग ही होते है। 

संगीत सुनना, फिल्में देखना, कला के क्षेत्रों, tv देखना इनके पसंदीदा शौक रहते है। 


मिथुन लग्न के जातकों की शारीरिक संरचना

मिथुन लग्न के समानयता लम्बे कद के ही रहते है, शारीरिक रूप से दुबले पतले रहते है, इनमें मोटापा कम ही आता है, साधारण रंग रूप होता है, लम्बे हाथ पेअर होते है, लम्बा चेहरा और सुन्दर नयन नक्श होते है, घने और मुलायम बाल होते है, इसलिए मिथुन लग्न के जातक आकर्षक होते है, इसीलिए ये लोग स्त्रियों में लोकप्रिय रहते है। 

व्यक्तिगत विशेषताएं

मिथुन लग्न के व्यक्ति स्थिर नहीं रह पाते, वे परिवर्तनशील स्वाभाव के रहते है, उनके विचारों में बराबर बदलाव चलता रहता है। वे बहुत बुद्धिमान होते है, परिस्थितियों के अनुरूप अपने को ढालने की उनमें गजब की क्षमता होती है। 

मिथुन लग्न के जातक बुद्धिमान और पढ़े लिखे होने की वजय से बड़े स्वाभिमानी होते है। उनके सोचने समझने की क्षमता बहुत अच्छी होने की वजय मिथुन जातक बहुत रचनात्मक होते है। 

ऐसे कार्य जसमें बुद्धि का प्रयोग होता हो, उन्हें वे काम बहुत पसंद आते है। पढ़ने लिखने का उन्हें जन्मजात शौक रहता है। मिथुन जातक बुद्धिमान और पढ़े लिखे होने की वजय से बातचीत और विषय से सम्बंधित तर्क वितर्क में बहुत कुशल होते है। 

उनके अपने मित्रों से बहुत मधुर सम्बन्ध होते है, वे मित्रों को पसंद करते है। अपने परिवार के प्रति भी वे बहुत ध्यान देने वाले रहते है। 

मिथुन जातकों के जीवन में भूमि, वाहन, धन आदि का अच्छा सुख रहता है, गीत संगीत, कला, साहित्य, खेल कूद, में उनकी अच्छी रूचि होती है। 

मिथुन जातकों का व्यवहार मिलनसार होने की वजय से उनके मित्र बहुत जल्दी बन जाते है, और अपने आकर्षक और स्टैण्डर्ड व्यक्तित्व की वजय से उनके मेलजोल स्त्रियों से भी बहुत जल्दी बढ़ जाते है, स्त्रियों में वे अच्छे पसंद किये जाते है। 

अगर उनकी जन्मपत्रिका में सूर्य और बुध की अच्छी स्थिति हो तो मिथुन जातक बहुत दृढ़ निश्चयी होते है, एक बार जिस काम को हाथ में ले ले, उसे पूरी मेहनत और लगन से करते है। 

अगर उनकी जन्मपत्रिका में चंद्र और शुक्र बलि हो तो, मिथुन जातक उच्वाकांक्षी, अन्वेषणशील, जिज्ञासु, दुसरो के मन की बात समझ जाने वाले, रहस्यमई विषयों की खोज करने वाले, और लम्बी यात्राएं करने वाले होते है। चंद्र और शुक्र बलि हो तो, मिथुन जातक कामुक हो जाते है और स्त्रियों के प्रति बहुत जल्दी आकर्षित हो जाते है। 

मिथुन एक द्विस्वभाव राशि है,  और इसका असर मिथुन जातकों पर देख़ने को मिलता ही है। वे एक ही समय में कई कार्य करने की सोचने लग जाते है, जिसकी वजय से वे हमेशा दुविधा में पड़े रहते है और परेशान रहते है। जिसकी वजय से उनके कार्य पुरे नहीं हो पाते और अधूरे छूट जाते है। 

इसी कारण से उनके विवाद भी हो जाते है, जिससे वे व्यर्थ की मानसिक व्यग्रता में पड़े रहते है। अपने पुरे जीवन में मिथुन जातक कोई ना कोई परिवर्तन करते ही रहते है। 

मिथुन जातक अपने इसी परिवर्तनशील स्वाभाव की वजय से जीवन में बहुत तरह के उत्तर चढ़ाव देखते है, और कठिनाइयों का भी सामना करते है, परन्तु पढ़े लिखे और बुद्धिमान और चतुर होने की वजय से वे उसमे से निकल कर सफलता प्राप्त कर ही लेते है। 

 राजनीतिक क्षेत्रों में भी मिथुन जातकों की अच्छी रूचि और कुशलता देखि गई है, राजनीती में भी मिथुन जातक अच्छे सफल होते देखे गए है। 

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स्वास्थ्य एवं रोग

अपनी बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करने की वजय से मिथुन जातक मानसिक तनावों से ग्रसित रहते है, व्यर्थ की चिंताओं से घिरे रहते है जिसकी वजय से वे बीमार  रहते है। 

अगर मिथुन जातकों की कुंडली में शुभ ग्रह पाप पीड़ित हो तो वे मानसिक रोग, स्नायु रोगों, फेफड़े के रोग, कंधे और बाजुओं में दर्द, गले के रोग, सर्दी जुखाम से पीड़ित, पेट के रोग, गुर्दे की पथरी, गैस,  श्वास, चर्म रोग,  बदहजमी, अग्निमान्ध्य, शुगर, आदि रोगों से पीड़ित रहने की संभावनाएं रह सकते है।  

मिथुन जातकों को बहुत अधिक सोचने से बचना चाहिए और अपनी मानसिक स्थिति को मजबूत रखना चाहिए, भरपूर नींद लेनी चाहिए, संतुलित भोजन लेना चाहिए, नियमित व्यायाम करना चाहिए और अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 

फ़ास्ट फ़ूड, अधिक तले भुने, और किसी भी तरह के नशों से दूर रहना चाहिए। 

शिक्षा एवं कैरियर

मिथुन लग्न के जातकों की कुंडली में यदि बुध, शुक्र, शनि और गुरु की शुभ अवस्था है तो, मिथुन जातक MBA, Chartered Accountant, इंटीरियर डेकोरेटर, इंजीनियरिंग, Computer Science, गीत-संगीत, हस्तकार्य, वकालत, बैंक, रेलवे, अध्यापन के क्षेत्रों में बहुत अच्छी सफलता प्राप्त करते है। 

मिथुन जातक लगभग ऐसे ही क्षेत्रों में सफल देखे गए है और इन क्षेत्रों में इनको जल्दी सफलता प्राप्त होती है।

 

मिथुन लग्न जातको का प्रेम एवं वैवाहिक सुख

मिथुन लग्न के द्विस्वभाव होने की वजय से इसका असर इनके निजी जीवन  प्रेम सम्बन्धों पर भी पढता है, मिथुन जातक हमेशा अपने प्रेम सम्बन्धों को लेकर परेशान रहते है, इनकी परेशानी का कारण होता है, इनका एक से अधिक प्रेम सम्बन्धों में उलझे रहना जिसकी वजय से यह लोग कभी भी अपने प्रेमी से वफ़ा नहीं कर पाते और अक्सर इनके प्रेम सम्बन्धों में उलझने बानी रहती है, इसके आलावा इनके प्रेम सम्बंध कभी भी स्थाई नहीं रह पाते। 

यही वजय है की इन्हें कभी भी अपनी पसंद का जीवन साथी नहीं मिल पाता। 

मिथुन लग्न के जातकों का वैवाहिक जीवन भी समझोतो पर ही टिका रहता है, यह अपनी पत्नी से पूर्ण वफ़ादारी और ध्यान नहीं रख पाते। 

अगर इनकी पत्नी इनके अनुसार चलती रहे, तभी इनका वैवाहिक जीवन चलता रह सकता है, अन्यथा समस्याएं उत्पन्न होती रहती है। 

अगर मिथुन जातक या जातिका मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, धनु, कुम्भ लग्न वालों से विवाह करते है, तो इन जातकों के साथ उनका वैवाहिक जीवन अच्छा देखने को मिला है। 

और इसके अलावा जो लग्न है उनके साथ सामान्य वैवाहिक जीवन देखा गया है। 


मिथुन लग्न जातको की आर्थिक स्थिति

अगर मिथुन जातकों की कुंडली में चंद्र-बुध-गुरु और शनि की शुभ स्थितियां है तो मिथुन जातक जीवन में बहुत अच्छी उनत्ति तरक्की करते है, जीवन में बहुत अच्छा धन लाभ प्राप्त करते है, अच्छा व्यवसाय करते है, और अगर नौकरी में हो तो अच्छा उच्च पद प्राप्त करते है। 

मिथुन जातक कभी भी अपने शुरुआती जीवन में अचानक तरक्की नहीं करते, मिथुन जातक हमेशा धीरे धीरे अपने मध्य जीवन में तरक्की करते हुए जीवन में सभी सुख जैसे की उच्च शिक्षा, घर, मकान, संपत्ति, वाहन, बैंक बैलेंस, आदि सुखों की प्राप्ति करते है। 

आर्थिक सावधानियां 

मिथुन जातक अपने अस्थाई स्वाभाव के कारण हमेशा अपने कार्यों और व्यवसायों में बदलाव करते रहते है, और कभी भी एकाग्रचित होकर निर्णय नहीं लेते, एक  ही समय में कई कार्य करने की सोचने लगते है या करने लगते है, जिसकी वजय से यह कोई भी कार्य सही ढंग से नहीं कर पाते और इन्हें अच्छी सफलता प्राप्त करने में कठिनाई होती है और बहुत समय लग जाता है। 

इसलिए इनके लिए यह बहुत जरुरी है की यह किसी एक ही कार्य को अपनी पूरी लगन और मेहनत से करे। 


मिथुन जातकों का शुभ रंग, शुभ रत्न, भाग्यशाली दिन, शुभ अंक, भाग्योदय कारक वर्ष

  • शुभ रंग – हरा, हल्का नीला, सफेद, हल्का पीला, गुलाबी, काला  
  • शुभ रत्न –  पन्ना, मोती, हीरा, नीलम  और  वैवाहिक सुख के लिए पुखराज धारण करना शुभ रहता है। 
  • भाग्यशाली दिन – रविवार, शनिवार, बुधवार और शुक्रवार 
  • शुभ अंक – १, ३, ५, और  ७ 
  • भाग्योदय कारक वर्ष – २५, ३०, ३२, ३४, ३९ और ४३ 

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