तुला लग्न के जातकों का जीवन परिचय, उनका स्वाभाव, चारित्रिक विशेषता, शारीरिक रूप, शिक्षा और आजीविका

तुला लग्न के जातकों का जीवन परिचय, उनका स्वाभाव, चारित्रिक विशेषता, शारीरिक रूप, शिक्षा और आजीविका

Image by Dorothe from Pixabay
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तुला लग्न के जातकों का जीवन परिचय

तुला लग्न का चिन्ह होता है बराबर पलड़े वाला तराजू, तुला जातकों का जीवन भी ठीक अपने लग्न के चिन्ह जैसा ही होता है, वे अपने जीवन में किसी भी तरह का अन्याय न देख सकते है और ना ही होने देता है,
तुला जातक अपना जीवन ईमानदारी से जीना पसंद करते है। 

जिन व्यक्तियों का जन्म तुला लग्न में होता है वे बड़े ही आदर्श व्यवहार वाले व्यक्ति होते है, बहुत ज्ञानी होते है, ईमानदार होते है हमेशा सत्य के साथ खड़े रहने वाले होते है।
तुला लग्न वाले व्यक्ति हमेशा सत्यता और न्याय के पक्षधर में रहते है, उनका स्वाभाव बहुत शांत और विनम्र होता है।
अपनी बुद्धिमानी से वे बहुत सोच समझकर और तत्काल निर्णय लेने की क्षमता रखते है।
अपने व्यक्तित्व और प्रभाव से बहुत जल्दी किसी से भी मित्रता कर लेते है और हर तरह के रचनात्मक कार्य करने के लिए हमेशा तैयार रहते है। 

 
तुला लग्न में जन्म लेने वाले व्यक्ति अधिकतर सुन्दर होते है, उनकी कदकाठी मध्यम होती है, रंगरुप के गोर होते है और चेहरा लम्बा होता है।
तुला जातक हसमुख स्वाभाव के होते है और ज्यादातर वे मुस्कुराते रहते है, अगर उनसे बातचीत करें तो पाएंगे की वे बहुत अनुभवी, सिद्धहस्त होते है। 

अगर किसी को कोई समझाइश देने की बात होती है तो वे बड़ी ही कुशलता से अपनी बात समझाते है, जिसे हर किसी के समझ में आ जाती है। 

वे अपने हर कार्यो और जीवन में बड़ी सावधानी रखते है, बुद्धिमान और चतुर होने के कारण  उन्हें बेवकूफ बनाना संभव नहीं होता। उनमें एक कला यह भी होती है की  परिस्थितियों को पहले ही भांप जाते है।  

व्यक्तियों को पहचानने की उनमें अच्छी विशेषता होती है, वे अच्छे बुरे व्यक्ति की पहचान तुरंत कर लेते है, यहाँ तक की सामने वाले व्यक्ति के मन में क्या खुराफ़ातियाँ चल रही है वे जान जाते है। 


तुला लग्न के जातक मन से भी बहुत मजबूत होते है, वे कैसी भी स्थिति में हो उनके चेहरे पर हर समय मुस्कराहट रहती है, बड़ी बड़ी परेशनियों में होने पर भी उनको देखकर आभास करना मुश्किल होता है की वे परेशान है। 

अपने तुला चिन्ह के अनुसार तुला जातक कभी भी अन्याय होते हुए नहीं देख सकते है, और जहां भी कोई अन्याय होते हुए देख ले वे तुरंत ही उसका सामना करने के लिए तैयार हो जाते है।
अच्छे बोलने वाले होते है, अगर उन्हें किसी समूह को नियंत्रित करने को कहा जाये तो वह इसे बखूबी से निभा डालते है, जनता को बांधने के गुण उनमें अच्छे होते है, यहाँ तक की अगर कोई पक्ष उनके विरोध में है तो वे उन्हें भी अपने पक्ष में कर लेते है। 

 तुला जातक अपने जीवन का निर्माण खुद करते है, ज्यादातर तुला जातकों को अपने जीवन में परिवार या सम्बन्धियों से कोई विशेष लाभ नहीं मिलता है, परन्तु अपने परिश्रम, बुद्धिमानी, ईमानदारी और अपने आत्मविश्वास से वे अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर लेते है। 

अगर तुला जातक नौकरी में रहते है तो उनके व्यवहार और कार्यनिष्ठा से उनके सहकर्मी और अधिकारी उनसे अति प्रसन्न रहते है, क्योंकि सचाई, न्याय , इमानदारी और आत्मविश्वास उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य रहता है। 

 

अपने जीवन में दूसरों के लिए कुछ करने की भावना उनमें बहुत रहती है, किसी गरीब के लिए उनसे जो बन पड़ता है वे करते है, घर आए मेहमानों की सेवा करना उन्हें बहुत अच्छा लगता है, बहुत भावुक हृदय के लोग होते है, इनका मन किसी की परेशानी देख कर बहुत जल्दी पसीज जाता है।


संगीत, नाटक और किसी भी कला में इनकी रूचि रहती है, घूमने के शौकीन होते है, अच्छा रहना, पहनना इन्हें बहुत अच्छा लगता है, ये अपने जीवन में सभी तरह के सुख सुविधाओं की अभिलाषा रखते है और प्राप्त भी करते है। 

तुला लग्न के जातकों को कोई भी कार्य दिया जाये, ये उसे बैगैर किसी दुविधा और हिचकिचाहट के करते है, वे कोई भी काम करने को तैयार रहते है बस उन्हें उस कार्य से पैसा मिलना चाहिए।


तुला जातक ऐसे कार्यो में अच्छी सफलता प्राप्त करते है जैसे की – लेन-देन, सौदा , खरीदना या बेचना, स्टोर कीपर, जनरल मैनेजर, सफल व्यवसाई, सफल दलाल आदि 

इनका पारिवारिक जीवन भी सुखद ही रहता है, जीवनसंगिनी के मामले में तुला जातक सौभाग्यशाली होते है, इन्हें बहुत अच्छी पत्नी मिलती है, और इनके जीवन में संतान सुख भी अच्छा रहता है। 

तुला लग्न में ग्रहों के परिणाम

सूर्य – तुला लग्न के जातकों के लिए सूर्य लाभ का स्वामी होता है, बड़े भाई बहनों से रिश्ते दर्शाता है, अगर तुला जातकों की जन्मपत्रिका में सूर्य शुभ होकर शुभ भाव में बैठा है तो निःसंदेह सूर्य की महादशा और अन्तर्दशा में सूर्य के लाभकारी परिणाम देखने को मिलेंगे। 

चन्द्रमा – तुला जातकों के लिए चन्द्रमा पिता से सम्बन्ध, पैतृक सम्पति,  कारोबार , नौकरी का कारक होता है, इसलिए चन्द्रमा तुला जातकों के लिए शुभ परिणाम देने वाला होता है। 

मंगल – मंगल ग्रह तुला जातकों के लिए मारकेश होता है, मंगल धन, बैंकबेलेन्स, व्यवसाय, पत्नी, पारिवारिक जीवन, साझेदारी का स्वामी होता है,
तुला लग्न के जातकों के लिए मंगल एक अकारक ( शुभ परिणाम नहीं देने वाला) ग्रह होता है।

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बुध – तुला जातकों के लिए बुध विद्या, धन, बुद्धि, भाग्य, शिक्षा, व्यवसाय, नौकरी, का स्वामी होता है, बुध तुला जातकों को बहुत शुभ परिणाम सेने वाला होता है, विदेश में भी नौकरी के योग बनाता है।

ब्रहस्पति – तुला जातकों के लिए ब्रहस्पति अकारक ग्रह होता है, कुटुंब परिवार, छोटे भाईबहन, परिश्रम, शारीरिक रोग का कारक होता है, इसलिए तुला जातकों को ब्रहस्पति से कम ही लाभकारी परिणाम देखने को मिलते है।

शुक्र – शुक्र तुला जातकों का लग्नेश यानि की स्वामी ग्रह होता है, शुक्र तुला जातकों के लिए सर्वथा शुभ परिणाम और उनके जीवन को चलाने वाला स्वामी गृह होता है,
तुला जातकों का स्वामी शुक्र होने से तुला जातक गीत संगीत, घूमने फिरने, सजने सवरने, अच्छा रहने के, अच्छी चीजें इस्तेमाल करने के शौकीन और बहुत रोमांटिक होते है।

शनि – शनि तुला जातकों के लिए माता का सुख देने वाले होते है, जमीन संपत्ति, वाहन सुख के कारक होते है, शनि भी तुला जातकों को शुभ परिणाम देने वाले ही होते है।

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