छत्तीसगढ़ दुर्ग भिलाई ज्योतिष और रुद्राक्ष शिरोमणि अर्थात एकमुखी रुद्राक्ष

छत्तीसगढ़ दुर्ग भिलाई ज्योतिष

लक्ष्मी नारायण
लक्ष्मी नारायण

नमस्कार दोस्तों ! मै लक्ष्मी नारायण “ज्योतिष परामर्श केंद्र” में आपका बहुत बहुत स्वागत करता हूँ।
मै लगभग 15 वर्षों से ज्योतिष सेवाएं प्रदान करता आ रहा हूँ, मैंने अभी तक लगभग हजारों जन्म कुंडलियों पर विचार किया होगा, हर व्यक्ति अपने जीवन में किसी न किसी तरह से परेशान है, अमीर हो या गरीब हर व्यक्ति अपने जीवन में किसी न किसी परेशानी से गुजरता ही है।

मेरी यही कोशिश रहती है की जो भी व्यक्ति हमारे पास आता है, उसकी परेशानियों का निवारण होना चाहिए, इससे बढ़कर संतोष और ख़ुशी हमारे लिए और कोई नहीं है।

मैं अपने कार्यालय “ज्योतिष परामर्श केंद्र” जो की भिलाई- छत्तीसगढ़ में स्तिथ है, वही से अपनी सेवाएं प्रदान करता हूँ, ज्योतिष परामर्श सेवाएं साक्षात और ऑनलाइन दोनों प्रकार से रहती है,
अगर आपको भी किसी भी तरह कोई भी परामर्श चाहिए तो आप निसंकोच हमसे संपर्क कर सकते है, निचे हमसे संपर्क करने का WhatsApp लिंक है, आप उस लिंक से हमसे संपर्क कर सकते है।

ज्योतिष परामर्श केंद्र से हम आपको ज्योतिष सेवाएं, रत्न परामर्श, जान कुंडली बनवाना और सभी तरह के समाधानों की सेवाएं प्रदान करते है, धन्यवाद।

रुद्राक्ष शिरोमणि अर्थात एकमुखी रुद्राक्ष

आइये दोस्तों, आज इस पोस्ट में हम जानकारी प्राप्त करते है की यह रुद्राक्ष शिरोमणि क्या होता है, और इसके क्या लाभ होते है।

रुद्राक्ष का नाम आपने सुना ही होगा, हमने सुना है की रुद्राक्ष कई प्रकार के होते है लेकिन ये “रुद्राक्ष शिरोमणि” क्या है,

आइये आज लक्ष्मी नारायण से इसी “रुद्राक्ष शिरोमणि” के बारे में जानते है की यह कौन सा रुद्राक्ष है और यह किस काम आता है।

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तो आपको बता दे की “रुद्राक्ष शिरोमणि” एकमुखी रुद्राक्ष को ही बोला जाता है, आपने कई तरह के मुखी रुद्राक्षों के बारे में सुना पढ़ा होगा और सबके विशेष महत्त्व के बारे में भी जाना होगा, लेकिन “रुद्राक्ष शिरोमणि” जिसे एकमुखी रुद्राक्ष बोला जाता है यह सभी रुद्राक्षों में सबसे दुर्लभ और प्रभावशाली रुद्राक्ष है।

एकमुखी रुद्राक्ष अपनी दुर्लभता की वजय से आसानी से प्राप्त नहीं होता है, ज्यादातर हम जो एकमुखी रुद्राक्ष देखते है और प्राय बाजारों उपलब्ध रहते है वह नकली होते है, या अन्य मुखी रुद्राक्ष में बदलाव करके उसे एकमुखी रुद्राक्ष में तब्दील कर दिया जाता है।

यह इतनी निपुणता के साथ किया जाता है की आम व्यक्ति उसे समझ नहीं पाता।

लेकिन ऐसा भी नहीं है की शिरोमणि अर्थात एक मुखी rudraksh का मिलना असंभव है, यह प्राप्त हो सकता है, लेकिन उसके लिए बहुत धन खर्च करना पड़ता है।

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जब शिरोमणि एकमुखी रुद्राक्ष प्राप्त हो जाता है, तो इसे पूर्ण विधि विधान से अभिमंत्रित और सिद्ध कर लेना चाहिए।

शिरोमणि एक मुखी रुद्राक्ष बहुत ही चमत्कारी, भगवान भोलेनाथ प्रिये, प्रभावशाली और पवित्र rudraksh है, जिसके पास शिरोमणि एक मुखी रुद्राक्ष रहता है वह व्यक्ति धन धान्य, सुख, ज्ञान, शांति और श्रद्धा, प्रसिद्धि सब कुछ प्राप्त कर लेता है।

असली शिरोमणि एकमुखी rudraksh प्राप्त हो जाने पर उसे बड़े ही आदर सत्कार और श्रद्धाभाव से घर के मंदिर या किसी पवित्र स्थान में स्थापित कर देना चाहिए। उसकी नित्य पूजा और दर्शन करने चाहिए।

शिरोमणि एकमुखी rudraksh को अभिमंत्रित और सिद्ध करने का सबसे श्रेष्ठ दिन दीपावली का होता है, या फिर चैत्र शुक्ल अष्ठमी का दिन भी अति श्रेष्ठ होता है।

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शिरोमणि एकमुखी रुद्राक्ष को सिद्ध करने की विधि

रुद्राक्ष को गंगाजल से स्नान करवाकर पूजा स्थल पर लाल कपडे के आसान पर विराजित करें,
उसके बाद कपूर, सफ़ेद चन्दन और केसर का लेप तैयार कर ले और rudraksh पर लगाये, लाल सुगन्धित फूल, धुप, दीपक, नैवैध से शिरोमणि एकमुखी rudraksh की पूजा अर्चना करें, और इस मन्त्र का एक माला (108 बार) जाप करें –

“ॐ ह्रीं नमः”

अगर आप नित्य इस मन्त्र की पांच माला का जाप करते है तो शिरोमणि एक मुखी rudraksh का प्रभाव हजारों गुण अधिक बढ़ जाता है।

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रुद्राक्ष की पूजा और सिद्ध करने के बाद इसे अपने घर के मंदिर या फिर अपनी तिजोरी या भंडार में रख दे, अगर आप इसे धारण करना चाहते है तो इसे लाल धागे, सोने या तांबे की तार में पिरोकर धारण कर सकते है।

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