27 नक्षत्र और स्वामी ग्रह
सौरमंडल में तारों के समूह को नक्षत्र बोला गया है, सभी ग्रहों की गति क्रांतिवृत्त के आसपास के नक्षत्र मंडल में होती है।
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इसी सौरमंडल में तारों के समूह को 27 भागों में बांटा गया है, और इन्हीं 27 भागों को 27 नक्षत्र का नाम दिया गया है।
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नक्षत्र हमेशा अपने स्थान पर स्थिर रहते है और सभी ग्रह इन्हीं नक्षत्रों में गतिमान रहते है।
सभी 27 नक्षत्र के अपने स्वामी ग्रह होते है, जब कोई व्यक्ति इस धरती पर जन्म लेता है और उस समय जो नक्षत्र विधमान रहता है और उस नक्षत्र का जो भी स्वामी ग्रह होता है उसी ग्रह की महादशा उस व्यक्ति के जन्म से शुरू होती है।
आज हम जानेंगे 27 नक्षत्र के स्वामी ग्रहों के बारे में:-
| क्र. | नक्षत्र | नक्षत्र स्वामी |
|---|---|---|
| 1. | अश्विनी | केतु |
| 2. | भरणी | शुक्र |
| 3. | कृत्तिका | सूर्य |
| 4. | रोहिणी | चंद्रमा |
| 5. | मृगशिरा | मंगल |
| 6. | आद्रा | राहु |
| 7. | पुनवर्सु | ब्रहस्पति |
| 8. | पुष्य | शनि |
| 9. | आश्लेषा | बुध |
| 10. | मघा | केतु |
| 11. | पुर्व फाल्गुनी | शुक्र |
| 12. | उत्तरा फाल्गुनी | सूर्य |
| 13. | हस्त | चंद्रमा |
| 14. | चित्रा | मंगल |
| 15. | स्वाति | राहु |
| 16. | विशाखा | ब्रहस्पति |
| 17. | अनुराधा | शनि |
| 18. | जयेष्ठा | बुध |
| 19. | मूल | केतु |
| 20. | पूर्वाषाढ़ा | शुक्र |
| 21. | उत्तराषाढ़ा | सूर्य |
| 22. | श्रवण | चंद्रमा |
| 23. | घनिष्ठा | मंगल |
| 24. | शतभिषा | राहु |
| 25. | पूर्वा भाद्रपद | ब्रहस्पति |
| 26. | उत्तरा भाद्रपद | शनि |
| 27. | रेवती | बुध |
पूर्वाषाढा का स्वामी शुक्र ग्रह है।
Thanks for pointing out the mistake.