कन्या राशि के जातक कैसे होते हैं और कन्या राशि के गुण और अवगुण क्या होते है

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कन्या राशि के जातक कैसे होते हैं 

Image by Dorothe from Pixabay
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दोस्तों ! आज हम इस पोस्ट में जानेंगे की ‘कन्या राशि के जातक कैसे होते हैं‘ और ‘कन्या राशि के गुण और अवगुण‘ क्या होते है। 

 

कन्या राशि के जातक कैसे होते हैं

कन्या राशि का स्वामी बुध ग्रह होता है .

कन्या राशि वाले जातक व्यवहारिक स्वाभाव के होते है , आज्ञाकारी, कर्त्तव्यनिष्ठ, विशलेषणत्मक, कृपालु , परिश्रमी होते है। अच्छी आरोग्य सेहत, खान पान , किताबे पढ़ना , साफ़ सफाई से रहना इनकी पसंद होती है। किसी भी तरह की असभ्यता इन्हे पसंद नहीं आती, किसी से मदद लेना भी इन्हे पसंद नहीं होता है। 

कन्या राशि के जातक हमेशा अपने आस पास होने वाली घटनाओं की जानकारी रखते है और छोटी से छोटी बातें भी अपने ध्यान में रखते है। वह किसी भी विषय को तह तक जानने के इच्छुक होता है। अगर जीवन में उन्हें कोई अच्छा अवसर मिलता है तो उसे गवाना पसंद नहीं करते।  कन्या राशि के जातक कोमल स्वाभाव और सुकुमार होते है इसलिए अपने जीवन में बड़ा सोच समझ कर चलते है और सावधानी रखते है।  

 

 

कन्या राशि के गुण और अवगुण

 कन्या राशि वाले व्यक्तियों को भीड़भाड वाली जगहे पसंद नहीं आती है, ये व्यक्ति फिजूल के खर्चे नहीं करते और धन का सही इस्तेमाल करने में विश्वास रखते है और कभी भी किसी के ऊपर आश्रित रहना पसंद नहीं करते। ये लोग अक्सर शांत दिखते  है, लेकिन आम तौर से ये लोग हमेशा चिंता में रहते है।

ऐसी जगहें जहा भीड़ भड़ाका हो उसे बिलकुल भी पसंद नहीं करते, व्यर्थ के खर्चे करना इन्हे बिलकुल भी पसंद नहीं आता है अपने धन को सहेज कर रखते है और सही इस्तेमाल करने में विश्वास रखते है।  

कन्या जातक दिखने में तो हमेशा शांत दीखते है ,लेकिन इनके मन में हर वक्त कुछ न कुछ चलता रहता है और अंदर से कुछ चिंता में ही रहते है। 

 

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कन्या राशि के जातकों की आजीविका

कन्या जातक कार्य कुशल होते है, मिलनसार व्यक्तित्व के होते है। ये जहां भी कार्यरत होते है ,पूर्ण ईमानदारी से रहते है, अपने आस पास घटित कार्यों की पूर्ण जानकारी रखते है और सब पर नजर रखते है। जहाँ ये कार्य करते है वहां किसी को भी गलत नहीं करने देते। 

कन्या राशि का संचालक बुध ग्रह होता है और बुध ग्रह शिक्षा और बुद्धि का करक है इसलिए कन्या राशि के जातकों में वाकपटुता और लिखने की कला बहुत अच्छी होती है। 

कन्या राशि के जातक अक्सर लेखा विभागों, बैंको, बीमा संस्थानों ,सरकारी संस्थाओ, पत्रकारिता, प्रिंटिंग कार्य, कंप्यूटर संसथान, अधिवक्ता, अकाउंटेंट, महालेखा परीक्षक, साहूकार आदि विभागों से जुड़े हुए मिलते है। 

 

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कन्या राशि के रोग

अपने स्वास्थ्य को लेकर काफी सजग रहते है , थोड़ी सी भी परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर के पास पहुंच जाते है। पेट के रोगों से सावधान रहना चाहिए। 

 

कन्या राशि के जातकों का पारिवारिक जीवन 

कन्या राशि के जातकों का विवाह कुछ विलम्ब से भी होता देखा गया है ,लेकिन उनका वैवाहिक जीवन सुखद होता है। संताने कम हो सकती है, लेकिन अच्छी और आज्ञाकारी होती है। 

 

कन्या राशि के जातकों का उनत्तिदायक समय 

कन्या राशि के जातकों जीवन में अच्छी संपत्ति के मालिक बनते है। 20 से 25 वर्ष की आयु में वे सफलता प्राप्त करना शुरू करते है और 35 वर्ष तक की उम्र में अच्छी सफलता प्राप्त करते हुए जीवन में खुद का घर मकान ,सम्पति बना लेते है।  36 से 48 वर्ष में कुछ कष्ट उठाते है और कुछ नुकसान भी हो सकते है। फिर 49 से 62 वर्ष का समय बहुत सौभाग्यशाली होता है और अचानक से काफी धन लाभ और सुख मिलता है। 

 

FAQ..

राशियों में कन्या राशि का कौन सा क्रम है। 

कन्या राशि का क्रम छठा होता है। 

कन्या राशि का अंग्रेजी नाम क्या है 

कन्या राशि का अंग्रेजी नाम ‘विर्गो ‘ है। 

कन्या राशि किस ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है। 

कन्या राशि बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है।

कौन कौन सी राशियों के साथ कन्या राशि की मित्रता है।

कन्या राशि की मित्रता वृषभ , मिथुन ,सिंह ,तुला ,राशि के साथ है। 

कौन कौन सी राशियां कन्या राशि की शत्रु है 

कन्या राशि की शत्रु “कर्क” शत्रु राशि है। 

कन्या राशि का शुभ रत्न कौन सा है। 

‘पन्ना’ (एमराल्ड)  रत्न कन्या राशि का शुभ रत्न है। 

कन्या राशि का शुभ रुद्राक्ष कौन सा है।  

4 मुखी रुद्राक्ष कन्या राशि के लिए शुभ होताहै। 

कन्या राशि का शुभ रंग कौन सा है। 

हरा रंग कन्या राशि का शुभ रंग है। 

कौन कौन से दिन कन्या राशि के जातकों के लिए शुभ होते हैं। 

बुधवार ,रविवार ,शुक्रवार कन्या राशि के जातकों के लिए शुभ रहते है।  

कन्या राशि के जातकों को किस देवी देवता की पूजा करनी चाहिए।  

कन्या राशि के जातकों को गणपति जी और सरस्वती देवी की पूजा करनी चाहिए। 

कन्या राशि के जातकों को किस दिन उपवास रखना चाहिए। 

कन्या राशि के जातकों को बुधवार के दिन उपवास रखना चाहिए। 

कौन से अंक कन्या राशि के लिए शुभ होते है। 

कन्या राशि के जातकों के लिए 5,14, 23 अंक शुभ होते है। 

कन्या राशि के जातकों में क्या विशेष गुण होते है। 

काम के प्रति क्रियाशील ,अच्छा व्यहवार करने वाले ,बुद्धिमान  होते हैं 

कन्या राशि के जातकों में क्या कमियाँ और दोष होते है 

दुसरो की बुराई ढूंढना , अनजाने डर का चिंतन करना। 

कन्या राशि के जातक स्वाभाव से कैसे होते हैं 

कन्या राशि के जातक डबल माइंडेड,  पढ़े लिखे, और बुद्धिमान होते हैं 

जीवन साथी के रूप में कन्या राशि का सबसे अच्छे मैच कौन से हैं 

कर्क और वृश्चिक राशि वाले अच्छे मैच साबित होते है। 

 

धन्यवाद दोस्तों , इस पोस्ट को पढ़कर कन्या राशि के गुण और अवगुण के बारे में जानकारी जरूर मिली होगी और साथ ही यह भी जानकारी मिली की कन्या राशि के जातक कैसे होते हैं। उम्मीद करता हूँ आपको यह पोस्ट पसंद आई होगी। 

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