लाल मूंगा अंगूठी पहनने के फायदे

लाल मूंगा अंगूठी पहनने के फायदे

 

लाल मूंगा अंगूठी पहनने के फायदे
लाल मूंगा अंगूठी पहनने के फायदे

मंगल रत्न लाल मूंगा बहुत जल्दी अपने खतरनाक प्रभाव देने वाला रत्न है, अगर इस रत्न को बगैर किसी वरिष्ठ ज्योतिष के परामर्श से धारण कर लिया जाये तो इसके लाभ की जगह बहुत नुकसान भी झेलने पड़ सकते है, आइये जानते है लाल मूंगा अंगूठी पहनने के फायदे

लाल मूंगा

लाल मूंगा एक लाल रंग का खूबसूरत और मूल्यवान रत्न है, लाल मूंगा युद्ध के देवता और सेनापति मंगल का रत्न है, इंग्लिश में इसे हम Red Coral के नाम से जानते है, यह एक वनस्पति रत्न है जो समुन्द्र तलहटी से प्राप्त होता है,

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार लाल मूंगे में मंगल ग्रह की रश्मियों को संचालित करने की क्षमता होती है, यही कारण है की मंगल के शुभ प्रभावों को ग्रहण करने के लिए लाल मूंगा धारण किया जाता है।

श्रेष्ठ लाल मूंगा इटालियन और जापानी को माना जाता है, इटालियन मूंगा इटली के समुन्द्रों और जापानी मूंगा जापान के समुन्दर से प्राप्त होता है।

मंगल का रत्न लाल मूंगा नवरत्नों में से एक रत्न है, मंगल ऊर्जा, शक्ति, बुद्धिमानी, शारीरिक और मानसिक शक्ति, रक्त संचार, दुश्मनों पर विजय, सफलता और महत्वाकांक्षा का ग्रह है, जो व्यक्ति लाल मूंगा अपनी कुंडली में मंगल की स्तिथि के अनुसार धारण करता है, उस जातक को मंगल के इन सभी लाभों की प्राप्ति होती है।

यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में मंगल कमजोर है या अन्य ग्रहों से पीड़ित है या शुभ प्रभाव देने वाला है तो जातक को लाल मूंगा धारण करना चाहिए, लाल मूंगा धारण करने से मंगल को बल प्राप्त होता है,
जातक में ऊर्जा का संचार होने लगता है, उसके पराक्रम में वृद्धि होती है, बौद्धिक क्षमता बढ़ती है और शारीर को बल प्राप्त होता है।
अगर व्यक्ति में आलस्य रहता है, उसके आत्मविश्वास में कमी है, मन में नकारात्मक विचार आते है, तब लाल मूंगा धारण करने से व्यक्ति इन सभी व्यहवारों से छुटकारा पाता है।

मंगल एक योद्धा ग्रह है और मंगल दुश्मनों और बाधाओं को ख़त्म करता है, शत्रुओं का सर्वनाश करता है, दुश्मनों पर विजय दिलाता है, इसलिए मंगल का रत्न लाल मूंगा धारण करने से जातक इन सभी लाभों की प्राप्ति करता है।
लाल मूंगा जातक के लिए एक सुरक्षा के कवच का कार्य करता है और उसे सभी प्रकार की मुसीबतों और परेशानियों से दूर रखता है।

इस रत्न को धारण करने से शारीरिक बीमारियों में भी चमत्कारिक परिणाम देखने को मिलते है, अगर किसी को हृदय या खून की बीमारियां है तो उसमें लाल मूंगा इन बीमारियों को कम करने में सहायक होता है,  किसी भी तरह की चोट, एक्सीडेंट या घाव होने से सुरक्षा देता है,
अगर किसी व्यक्ति को लम्बे समय से खांसी चल रही है तो लाल मूंगा धारण करने से लम्बी खांसी राहत मिलती। है

मंगल के रत्न को धारण करने से बाहरी बुरे प्रभावों, जादू टोना, भूत प्रेत, काला जादू  जैसे बुरे प्रभावों से भी सुरक्षा मिलती है, मूंगा धारण किये हुए व्यक्ति पर यह प्रभाव निष्क्रिय हो जाते है,
अगर बच्चों के गले में इसका लॉकेट धारण करवाया जाये तो निश्चित तौर पर बच्चा इन प्रभावों से सुरक्षित रहता है और उसे किसी प्रकार की नजर भी नहीं लगती है।

जो व्यक्ति कर्ज में रहते है, उनके कर्ज ख़त्म नहीं हो पाते है, ऐसे व्यक्तियों को भी लाल मूंगा धारण करने से लाभ मिल सकता है और उनके कर्ज ख़त्म होते है,
जिन व्यक्तियों के निजी और वैवाहिक जीवन में लड़ाई झगड़े चलते रहते है, जीवन परेशानियों भरा है, इन्हें भी लाल मूंगा धारण करने से लाभ मिल सकता है और मंगल का रत्न धारण करने से उनके जीवन की अशांति का खात्मा हो सकता है।

मंगल सेनापति है, योद्धा है, इसलिए मंगल का रत्न जातक को दुश्मनों पर विजय की प्राप्ति करवाता है, दुश्मनों और शत्रुओं का नाश करता है, कोर्ट केस में जीत दर्ज करवाता है और व्यक्ति की जीत सुनिश्चित करता है।
यदि आप दिल से कमजोर है, डरपोक किस्म के व्यक्ति है, शत्रुओं और दुश्मनों के सामने जाने से डरते है, तो लाल मूंगा धारण करने से आपमें शत्रुओं का सामना करने की हिम्मत आएगी, निडरता आएगी आप शत्रुओं और दुश्मनों पर विजय प्राप्त करेंगे।

जो व्यक्ति खेलकूद से जुड़े है और खिलाडी बनना चाहते है, उनके जीवन में मंगल का विशेष प्रभाव रहता है, खिलाड़ियों को खेलों में उच्च प्रदर्शन और सफलता के लिए लाल मूंगा अवशय धारण करना चाहिए,
पुलिस प्रशासन, सेना, मेडिकल विभागों में भी मंगल का प्रभाव रहता है, इसलिए जो व्यक्ति इन क्षेत्रों में सफलता हासिल करना चाहते है, उन्हें लाल मूंगा अवश्य धारण करना चाहिए।
इसके आलावा जो लोग आभूषण के कार्यो, होटल- रेस्तरां के कारोबार, इलेक्ट्रिक कार्यों, सरकारी विभागों, खेती-किसानी, जमीन दलाली, बिजली कार्यो और विभागों, अग्नि से सम्बंधित कार्यो, मशीनरी, कलपुर्जो जे व्यवसायों, घर निर्माण, हॉस्पिटल, डॉक्टर-सर्जन, मेडिकल दुकानों, इजीनियरिंग, बेकरी कार्यो , मिठाई दुकानों आदि जैसे कार्यों से जुड़े हुए है, उन व्यक्तियों के लिए भी लाल मूंगा धारण करना सर्वश्रेष्ठ रहता है।

जब भी आप अपनी सफलता के लिए लाल मूंगा धारण करते है, तो आंखे और दिमाग खोल कर रत्न खरीदना चाहिए, क्योंकि बाजार से और पोंगा पंडित हमेशा नकली लाल मूंगा दे देते है,  किसी काम का नहीं होता, इसलिए प्रमाणित और किसी पहचान वाले से ही लाल मूंगा ख़रीदे,
लाल मूंगा के अच्छे प्रभाव प्राप्त करने के लिए सदैव जापानी या इटालियन लाल मूंगा ही ख़रीदे और धारण करें,
लाल मूंगा का रंग सिंधुरी लाल होना चाहिए,, साफ चिकना, दागरहित होना चाहिए।

लाल मूंगा कौन धारण कर सकता है। 

 
लाल मूंगा वो जातक धारण कर सकते है, जिनकी जन्म कुंडली में मंगल शुभ होकर बैठा है, या फिर मंगल कमजोर अस्त अवस्था में है, या राहु-केतु , शनि से पीड़ित है,
मेष और वृश्चिक राशि के जातक भी अपने स्वामी मंगल का रत्न लाल मूंगा धारण कर सकते है, लाल मूंगा उन्हें जीवन में सफलता देगा, आर्थिक उनत्ति, धन की प्राप्ति, सांसारिक सुख और विजय प्राप्त करवएगा।
 
मेष और वृश्चिक लग्न वाले जातकों को तो लाल मूंगा धारण करना अनिवार्य है, इनके लिए मूंगा इनका जीवन रत्न है, इन्हें तो लाल मूंगा जीवन भर धारण करना चाहिए।

मूंगा पहनने के नुकसान


जैसा की आप जानते है लाल मूंगा मंगल का रत्न है, और मंगल एक उग्र और अग्निप्रधान ग्रह है, इसलिए यह जरुरी हो जाता है की लाल मूंगा बहुत विचार विमर्श और कुंडली की बारीकी से अध्यन्न करने के बाद ही लाल मूंगा धारण किया जाये, किसी योग्य ज्योतिष की सलाह पर ही कितने रत्ती का, कितने वजन का लाल मूंगा धारण किया जाये,
मंगल आत्‍मविश्‍वास और साहस बढ़ाता है, कही ऐसा न हो की साहस इतना बढ़ जाये की किसी से भी मार कुटाई करने पर उतारू हो जाये, चोरी, डकैती, जुए सट्टे जैसे गलत कार्यो से जुड़ जाये, दुर्घटना का डर हो जाये या यहाँ तक की कहीं जेल भी जाना पड़ जाये, वैवाहिक जीवन नष्ट होने लगे, परिवार और कुटुंब में झगड़े होने शुरू हो जाये, इसलिए यह जरुरी होता है की अपनी जन्म कुंडली की पूर्ण जानकारी के साथ ही लाल मूंगा धारण करना चाहिए।

मूंगा धारण करने की विधि


लाल मूंगा हमेशा किसी योग्य ज्योतिष की देखरेख में और सम्पूर्ण विद्धि के अनुसार ही धारण करें, हमेशा लाल मूंगे को बहुत सम्मान से धारण करें, उसको कभी भी अशुद्ध ना होने दे, उसको साफ़ रखें, जिससे की मूंगा पूर्ण रूप से अपने अंदर मंगल की ऊर्जा सम्माहित करता रहे,
अच्छे लाभ प्राप्त करने के लिए लाल मूंगा सदैव अच्छी क्वालिटी का और ६ से ८ कैरट का ही धारण करें,
लाल मूंगा सदैव तांबे, सोने या अष्टधातु की अंगूठी में ही धारण करें और मंगलवार को सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त देखते हुए, पूर्ण विधि विधान से अपने इष्ट की पूजा करें, फिर मंगल देव की पूजा और मंगल मन्त्र का जाप (ॐ अं अंगारकाय नम:) १०८ बार करें,
पूजा होने के बाद अंगूठी को हनुमान जी के चरणों में स्पर्श करें, और अंगूठी को अपनी अनामिका उंगली में धारण करें।

मंगल मन्त्र – ॐ अं अंगारकाय नम:
मंगल मूल मन्त्र – ॐ भौमाय नम: ।
मंगल बीज मन्त्र – ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम: ।



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