जन्म कुंडली में सूर्य के प्रभाव

जन्म कुंडली में सूर्य के प्रभाव


समस्त धरती पर सूर्य का प्रभाव है, नवग्रहों में से सूर्य भी एक ग्रह है, जिसका असर व्यक्ति के जीवन में शीर्ष रहता है, व्यक्ति अपने जीवन में मान-सम्मान, ऊंचाइयां, प्रसिद्धि सूर्य के बल पर ही प्राप्त करता है, किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सूर्य के प्रभाव अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Image by ipicgr from Pixabay
Image by ipicgr from Pixabay


 

सूर्य ग्रह


सूर्य ग्रह को नवग्रहों का राजा बोला जाता है, सूर्य के तेज का प्रभाव सभी ग्रहों पर रहता है, सूर्य का प्रभाव इतना तेज है की अगर कोई ग्रह इसके ज्यादा ही करीब आ जाये तो सूर्य का तेज उसे अस्त कर देता है, एक तरह से कहा जाये तो निष्क्रिय कर देता है,
इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है की जब सूर्य के तेज से ग्रह नहीं बच सकते हो मानव जीवन पर इसका कितना प्रभाव होगा,

सूर्य ग्रह का रंग लाल और अंगार के समान है, परम तेजस्वी सूर्य ग्रह का प्रभाव व्यक्ति के मस्तिष्क, हृदय, पीठ, नाड़ी संसथान, हड्डियों, दाई आंख, ज्ञान, आत्मसंयम, और स्वास्थय पर रहता है,

सूर्य किसी भी जातक की कुंडली में पिता और भाई का कारक होता है, इसलिए पिता और भाई से सम्बंधित सुखों को कुंडली में सूर्य की दशा के अनुसार ही देखा जाता है,

न्याय, यंत्र विज्ञान, दवाई निर्माण, चित्रकला, राजपाट, राजनीती, प्रशासनिक पद, सट्टेबाजी, प्रसिद्धि, आर्थिक स्तिथि आदि सूर्य की दशा से ही देखी जाती है,  

सूर्य का कमजोर या पीड़ित होना व्यक्ति के जीवन में धन, आर्थिक स्तिथि, सामाजिक सम्मान, सरकारी लाभों, सरकारी नौकरी में काफी अड़चने उत्पन्न करवाता है,
पिता से सम्बन्ध ख़राब करवाता है और पैतृक संपत्ति जाने के आसार भी बनते है,

इसलिए जिस भी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर हो उसे सूर्य के उपाय और रत्न धारण अनिवार्य हो जाता है। 

सूर्य का रत्न


सूर्य का रत्न माणिक्य है, माणिक्य सूर्य की शक्ति को ग्रहण करके धारणकर्ता तक पहुँचता है, केवल माणिक्य ही ऐसा रत्न है जो सूर्य की किरणों का संचालन कर सकता है,
अगर किसी कारणवश माणिक्य उपलब्ध नहीं है तो माणिक्य का उपरत्न लालड़ी या लाल गार्नेट धारण किया जा सकता है,

माणिक्य धारण करने से सूर्य को बल प्राप्त होता है,
अगर कुंडली में सूर्य पाप ग्रहों से पीड़ित है, शनि, राहु, केतु के सानिघ्य में है, तो माणिक्य धारण करना अनिवार्य हो जाता है।  

जिन जातकों का सिंह लग्न है, उन जातकों की ताउम्र माणिक्य धारण करना चाहिए, इसके अलावा मेष, वृश्चिक और धनु लग्न के जातकों को भी माणिक्य धारण करना बहुत शुभ होता है,
अगर राशि के अनुसार जानें तो मेष, सिंह, वृश्चिक और धनु राशि के जातक अपनी जन्म कुंडली में सूर्य की स्तिथि के अनुसार माणिक्य धारण करके लाभ ले सकते है।

Leave a Comment

सूर्य रत्न माणिक्य कौन धारण कर सकते है पन्ना रत्न किसे पहनना चाहिए