वृषभ राशि के लिए कौन सा रत्न पहनना चाहिए vrishabh rashi ka shubh rang

vrishabh rashi के जातकों के लिए कौन से रत्न शुभ होते है जिन्हें धारण करके वे अपने जीवन में खुशियां और सफलता प्राप्त कर सकते है, आइए इस पोस्ट से जानकारी प्राप्त करते है, वृषभ राशि के लिए कौन सा रत्न पहनना चाहिए, वृष राशि के लोगों का राशि रत्न और भाग्यशाली रत्न

vrishabh rashi

वृष राशि का चिन्ह है बैल, बैल का स्वभाव शांत, बहुत मेहनती, शक्तिशाली होता है, आमतौर पर वह क्रोधित नहीं होता, वह अपने आप में शांत होता है लेकिन अगर उसे बेवजह चिढ़ाया जाए तो वह क्रोधित हो जाता है और फिर उसे शांत करना मुश्किल होता है, जब तक कि वह अपना बदला नहीं लेता।

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vrishabh rashi के लोग

ऐसा ही स्वभाव वृष राशि के जातकों में भी देखने को मिलता है, जो संगीत के शौकीन होते हैं, शांति से रहना पसंद करते हैं,
अपनी मीठी जुबान और बुद्धि से वृषभ राशि के लोग लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं,
वृष राशि के लोग कला प्रेमी, दयालु, दृढ़ निश्चयी, अपनी योजनाओं को गुप्त रखने वाले और मेहनती होते हैं।
अगर कोई उनका अपमान करे तो वह बर्दाश्त नहीं कर सकते, उनकी सोच बहुत दूरदर्शी है, उन्हें मूर्ख बनाना संभव नहीं है।

वृष राशि के लोग खेल, संगीत, घूमना, नृत्य, रंगमंच, कला, अच्छे कपड़े पहनना, अच्छे घर में रहना, अच्छे लग्जरी वाहन में घूमना आदि में रुचि रखते हैं।

वृष राशि के जातकों की कुछ कमियों को देखा जाए तो स्वभाव से जिद्दी होता है और किसी बात को लेकर क्रोधित हो जाता है तो उसे शांत करना मुश्किल होता है, कुछ अलग और रूढ़िवादी होते हैं,
उन्हें फास्ट फूड का बहुत शौक होता है,

वे अपने जीवन में जितना पैसा कमाते हैं उतना खर्च करते हैं, ये लोग अपना पैसा इकट्ठा नहीं कर पाते हैं लेकिन पैसा कमाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं,
यदि वृष राशि के लोग धन संचय की योजना बनाते हैं, तो ये लोग अपने जीवन में अच्छा धन और संपत्ति जोड़ सकते हैं,

व्यापार, शिक्षा, बैंकिंग, कृषि, नौकरी, कला के क्षेत्र में वृषभ राशि के लोग अच्छा नाम और धन कमाते हैं और अपनी मेहनत के बल पर जीवन में अच्छी प्रगति करते हैं।

वृषभ राशि के जातकों के लिए घर परिवार बहुत महत्वपूर्ण होता है, वे अपने परिवार के लिए बहुत जिम्मेदार होते हैं और अपने दोस्तों के प्रति भी वफादार होते हैं।

लग्नानुसार रत्न निर्धारण

vrishabh rashi के जातकों के लिए शुभ रत्न

हीरा

वृष राशि के जातकों का शुभ रत्न ‘हीरा’ होता है, वृष राशि का स्वामी शुक्र है, वृषभ राशि के जातकों पर शुक्र का विशेष प्रभाव पड़ता है, इसलिए अपने स्वामी शुक्र को मजबूत रखने के लिए उन्हें सदा के लिए हीरा धारण करना चाहिए।

हीरा वृषभ राशि के जातकों के भाग्य को मजबूत करता है, शारीरिक शक्ति देता है, हीरा सांसारिक सुखों का दाता है, इसलिए हीरा धारण करने से वृषभ राशि के जातकों को जीवन में सभी प्रकार के सांसारिक सुख भी प्राप्त होते हैं,

व्यापार में उन्नति, नौकरी में उच्च पद, धन-संपत्ति की प्राप्ति, मान-सम्मान की प्राप्ति और जीवन के सभी सुखों की प्राप्ति भी होती है, इसलिए वृषभ राशि के जातकों को अपना भाग्यशाली राशि रत्न “हीरा” जीवन भर धारण करना चाहिए।

भाग्यशाली रत्न

हीरा धारण करने की विधि

शुक्र रत्न हीरा बहुत जल्दी अपने प्रभाव दिखाता है, अपने हीरे के बारे में बहुत सी कहानियां भी सुनी होंगी कैसे कई विश्व प्रसिद्द हीरों ने राजाओं को फ़क़ीर और फकीरों को राजा बना दिया,
कैसे कई हीरों ने लोगों की किस्मत को बदल दिया और बर्बाद भी कर दिया।

जब भी हीरा धारण करें तो हीरा सफ़ेद और कम से कम 30 cent का होना ही चाहिए, तभी वह अपने प्रभाव दिखा पायेगा,
हीरा एक कीमती रत्न है, 1 carat का हीरा एक लाख पचास हजार की कीमत तो रखता ही है, इसलिए इसे धारण करना हर किसी के बस की बात तो नहीं है, इसलिए फिर भी जो लोग हीरा धारण करना चाहते है उन्हें कम से कम 30 cent का हीरा धारण करना ही चाहिए,

जो लोग हीरा धारण नहीं कर सकते है इनके लिए शुक्र के अन्य प्रभावशाली रत्न जैसे की ओपल और सफ़ेद जिरकॉन भी है, जिन्हे धारण करके शुक्र के प्रभावशाली लाभ लिए है,

हीरा 18 कैरट के स्वर्ण या चांदी की अंगूठी में जड़वाकर शुक्रवार की सुबह शुभ मुहूर्त में अपने इष्ट देव की पूजा करने के बाद शुक्र मन्त्र (ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः) का 11,000 बार जाप करने के बाद मध्यमा उंगली में धारण करना चाहिए।

ओपल

ओपल भी शुक्र का ही रत्न है, ओपल एक बहुत नाजुक और खूबसूरत रत्न है, इसका रंग सफ़ेद या क्रीम या हल्का सा नीला होता है, ओपल की खासियत यह है की इसके ऊपर बहुत खूबसूरत लाल,नीले, पीले हरे रंग होते है, जिन्हें फायर ओपल भी बोला जाता है,
फायर ओपल साधारण ओपल की तुलना में बहुत अधिक कीमती होते है और साधारण ओपल के ऊपर कोई रंग नहीं होता वे केवल सफ़ेद होते है।

फायर ओपल बहुत अधिक कीमती होने से इसे हर व्यक्ति नहीं ले सकता है, लेकिन ऐसा नहीं है की साधारण सफ़ेद ओपल प्रभावकारी नहीं रहता है,
अगर आपको शुक्र के सम्पूर्ण प्रभाव चाहिए तो पूर्ण सफ़ेद ओपल ही सबसे अधिक प्रभवकारी रहेगा,
इसलिए आप सफ़ेद ओपल धारण करके अपने शुक्र को मजबूत, प्रभावशाली और बलशाली बना सकते है।

शुक्र का रत्न ओपल धारण करने से व्यक्ति जीवन के सभी सांसारिक सुखों, भौतिक सुखों की प्राप्ति करता है,
ओपल धारण करने से कुंडली में व्यक्ति का शुक्र शुभ, बलशाली और प्रभावशाली होता है, शुक्र एक विलासकारी ग्रह है, शुक्र अच्छा रहना, अच्छा पहनना, घूमना फिरना, अच्छे वाहनों का इस्तेमाल करना, वैवाहिक और यौन सुख की प्राप्ति करवाने वाला ग्रह है, शुक्र का ओपल धारण करने से जातक सभी सुखों का भोग करता है,

इसके अलावा व्यापार में उनत्ति, प्रसिद्धि, धन लाभ और शारीरिक सुंदरता प्राप्त होती है, आजकल आपने देखा होगा की काफी टीवी और फिल्म अभिनेता ओपल धारण किये हुए रहते है, इनमें तो कई बहुत बड़े स्टार भी शामिल है,
ऐसा क्यों, क्योंकि ओपल प्रसिद्धि, धन, जीवन के सभी सांसारिक और भौतिक सुखों का दाता है जिसे हर व्यक्ति प्राप्त करना चाहता है।

ओपल धारण करने की विधि

शुक्र के रत्न ओपल की अंगूठी या लॉकेट को चांदी में बनवा कर शुक्रवार की सुबह धारण करना चाहिए,
धारण करने से पहले शुभ मुहूर्त अवशय देख ले, विधि विधान से अपने इष्ट देव की पूजा करने के बाद शुक्र मन्त्र (ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः) 11,000 की संख्या में जाप करने के बाद मध्यमा उंगली में धारण करें।

पन्ना

पन्ना भी वृषभ राशि के जातकों के लिए शुभ रत्न माना जाता है, शुक्र और बुध की मित्रता है, इसलिए अगर वृषभ राशि के जातक पन्ना धारण करते है तो उन्हें जीवन में शिक्षा, धन, कारोबार और नौकरी में अच्छी सफलता मिलती है,

बुध शिक्षा, बुद्धि, कारोबार और धन का ही विशेष करक है, शुक्र के वृषभ लग्न में भी बुध धन, उनत्ति, शिक्षा, बुद्धि, वाक शक्ति, संतान सुख, प्रेम विवाह में सफलता, मांगलिक कार्य, उनत्ति, नौकरी, भाग्योदय, विदेश में नौकरी या व्यवसाय का कारक है,

इसलिए वृषभ लग्न और राशि के जातकों को पन्ना धारण करने से यह सभी लाभ प्राप्त होते है, इन्हीं कारणों से वृषभ राशि के जातकों के लिए पन्ना एक शुभ, लाभकारी और सफलता प्रदान करनेवाला रत्न होता है,
वृषभ राशि के जातकों को पन्ना धारण करना चाहिए।

पन्ना धारण करने की विधि

वृषभ जातकों को पन्ना चांदी की अंगूठी में बनवाकर बुधवार को सूर्योदय के बाद शुभ मुहूर्त में कनिष्ठा उंगली में धारण करना चाहिए,
धारण करने से पहले अपने इष्ट देव और बुध देव की पूजा और मन्त्र (ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः) 11,000 जप जरूर करें।

vrishabh rashi के लिए भाग्यशाली जन्म का रत्न

फ़िरोज़ा

अंग्रेजी गणना के अनुसार, ‘फ़िरोज़ा’ को वृषभ राशि के लोगों का भाग्यशाली जन्म रत्न माना गया है, एक प्राचीन मान्यता है कि फ़िरोज़ा वृषभ राशि के लोगों के भाग्य को उज्ज्वल करता है, उन्हें बुरे प्रभावों से दूर रखता है,
यदि उन पर कोई विपत्ति आती है, तो फ़िरोज़ा अपना रंग बदलता है और वृष राशि वालों को चेतावनी देता है,

फ़िरोज़ा पहनने से वृष राशि के जातकों पर बुरी नज़र नहीं पड़ती, किसी भी प्रकार का जादू टोना नहीं होता और नकारात्मक ऊर्जाओं को अपने पास नहीं आने देता,

वृष राशि के जातकों के लिए फ़िरोज़ा रत्न एक चमत्कारी रत्न माना जाता है, जिसे धारण करने से वृष राशि के जातकों को भरपूर धन और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

फिरोजा धारण करने की विधि

फिरोजा की अंगूठी या लॉकेट चांदी की में बनवाकर शनिवार की शाम की शुक्र देव की पूजा और मंत्रो का 11,000 जाप करने के बाद मध्यमा ऊँगली में धारण करने से हर प्रकार का सुख प्राप्त होता है,
किसी भी प्रकार की दुर्घटना, बाहरी प्रभाव, जादू टोना, नकारात्मक प्रभावों के सुरक्षा मिलती है, धन लाभ और कारोबार में बरकत होती है।

vrishabh rashi ka shubh rang

vrishabh rashi के जातकों को अपने भाग्यशाली रत्न धारण के साथ साथ अपने शुभ रंग नीला व जामुनी भी अपने वस्त्रों में इस्तेमाल करना चाहिए,

नीला व जामुनी वृषभ राशि के जातकों के लिए बहुत शुभ रंग है, जब भी वृषभ राशि के जातक किसी शुभ कार्य, नौकरी, कारोबार में शुभ कार्य, परीक्षा देने, धन लाभ के लिए, टेंडर ओपनिंग के लिए, ठेका लेने, मांगलिक कार्य आदि के लिए निकलते है तो उन्हें अपने शुभ रंग के कपडे धारण करके ही निकलना चाहिए,

ऐसा करने से वृषभ जातकों के कार्यों में सफलता प्राप्ति के प्रतिशत बहुत अधिक बढ़ जाते है और यह उनके लिए यह बहुत शुभ होता है।

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