पन्ना रत्न की भौतिक संरचना और विशिष्टता

पन्ना रत्न की भौतिक संरचना और विशिष्टता

 

पन्ना रत्न की भौतिक संरचना और विशिष्टता

नवरत्नों में से एक रत्न पन्ना। पन्ना बुध ग्रह का रत्न है जिसे विद्या और व्यवसाय के लिए धारण किया जाता है। आइये जानें ‘पन्ना रत्न की भौतिक संरचना और विशिष्टता

पन्ना रत्न की भौतिक संरचना और विशिष्टता

पन्ना रत्न को अंग्रेजी में ‘एमराल्ड’ बोला जाता है। एमराल्ड ग्रीक शब्द है। पन्ने का रंग हरा होता है जो उसके अंदर केमिकल कम्पोजीशन ‘क्रोमियम’ और ‘वेनेडियम’ की वजय से होता है।

पन्ना ‘बेरिल’ समूह का रत्न है। पन्ना एक मूलयवान रत्न है। पन्ना पारदर्शी और अपारदर्शी दोनों रूपों में प्राप्त होते है। साफ, पारदर्शी और चमक वाला पन्ना बहुत मूलयवान होता है। पन्ना रत्न में जाल होना प्राकृतिक है, पन्ने में जाला होता ही है और बगैर जाल का साफ पन्ना मिलना मुश्किल होता है और जो पन्ने साफसुथरे और जाल रहित होते है वे बहुत दुर्लभ और मूलयवान होते है।

पन्ना एक कोमल रत्न है। यह बहुत नाजुक होता है। थोड़ी सी लापरवाही से यह टूट जाता है। इसलिए पन्ने की अंगूठी बनाने में बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है।

पन्ना रत्न की भौतिक संरचना और विशिष्टता

  • नाम: पन्ना, Emerald
  • रंग: हरा, तोता हरा, नीलापन लिए हरा
  • मोहस की कठोरता: 7.5 से 8
  • आपेक्षित गुरुत्व: 2.67 – 2.78
  • वर्तनांक: – 1.576 – 1.582
  • रासायनिक संरचना: अलुमिनियम बारमिलयम सिलिकेट
  • पारदर्शीता: पारदर्शी/अपारदर्शी
  • जाति: बेरिल
  • प्राप्ति स्थान: कोलम्बिया, जाम्बिया, ऑस्ट्रेलिया, भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, नार्वे, पाकिस्तान
  • स्वामी ग्रह: बुध
  • राशि: मिथुन और कन्या


पन्ना रत्न की भौतिक संरचना और विशिष्टता

पन्ना रत्न को बुध ग्रह के प्रतिनिधित्व रत्न का अधिकार मिला हुआ है। बुध ग्रह से सम्बंधित कोई भी शुभ प्रभावों की प्राप्ति के लिए पन्ना रत्न धारण किया जाता है। पन्ना रत्न धारण करने से विद्या, शिक्षा, नौकरी और व्यवसाय में तरक्की होती है।

हीरे, माणिक्य की तरह कई नायब पन्ने भी बहुत मशहूर है। जैसे की न्यूयोर्क के मुजियम में 2205 कैरट का एक पन्ने का कटोरा रखा हुआ है जो एक ही पत्थर से तराशा हुआ है जिसकी कीमत अनमोल है।
ऐसे ही भारत में हैदराबाद के निजाम के पास बहुमूल्य पन्ने के आभूषण है। जिनकी कीमत लगाई नहीं जा सकती।

पन्ना प्राचीन काल से ही बहुत चमत्कारी रत्न माना गया है। प्राचीन समय में मान्यता थी की पन्ना रत्न से बहुत से असाध्य रोगों और अंधेपन का इलाज होता है। जो भी पन्ना अपने शरीर पर धारण करता था उसकी उम्र बढ़ जाती थी और दुश्मन कभी भी उसे हरा नहीं सकता था।
आज भी पन्ना रत्न को ज्योतिष अनुसार धारण करके विद्या, शिक्षा, कारोबार, धन और तरक्की में लाभ प्राप्त किया जाता है।

तो साथियो इस पोस्ट में आपने ‘पन्ना रत्न की भौतिक संरचना और विशिष्टता‘ के बारे में जानकारी प्राप्त की। आगे की पोस्टों में हम पन्ना रत्न पर सभी प्रकार की जानकारियां प्राप्त करेंगे। आप हमारे ब्लॉग से जुड़े रहें। धन्यवाद!

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