ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भविष्य

हमारे ऋषियों मुनियों द्वारा रचित एक ऐसा ग्रन्थ है जो व्यक्ति के भूत और भविष्य की जानकारी दे सकता है। क्या ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भविष्य जानना संभव है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भविष्य

हजारों वर्षों से जिस ज्ञान की जिज्ञासा लोगों के मन में बसी हुई है और वह ज्ञान लगभग 8 हजार वर्षों से भी अधिक प्राचीन है, जिसे हमारे ऋषियों मुनियों द्वारा रचा गया है वह ज्ञान है ज्योतिष शास्त्र
ज्योतिष का ज्ञान हमें ब्रह्माजी के मानस पुत्र नारद और भृगु ऋषि से प्राप्त हुआ। इसके बाद इस ज्ञान को पराशर ऋषि, जैमिनी, वराहमिहिर, मंतेश्वर एवं अन्य मनिषियों ने विधिवत हम तक पहुंचाया। आज इन्हीं द्वारा रचित ज्योतिष ग्रन्थ हमारे लिए ज्योतिष शास्त्र के रूप में उपलब्ध है।

ज्योतिष विद्या में होरा शास्त्र जिसमें जन्म पत्रिका के द्वारा अध्ययन किया जाता है, हस्तरेखा शास्त्र जिसमें हाथ की रेखाओं को पढ़कर अध्ययन किया जाता है या दो विद्या ज्योतिष शास्त्र में प्रमुख है जिनके द्वारा व्यक्ति का स्वाभाव, आचरण, भाग्य का आंकलन किया जाता है। इन दो शास्त्रों के अलावा मुखाकृति, अंकशास्त्र, शकुन शास्त्र, शरीर विज्ञान और वास्तुशास्त्र भी ज्योतिष शास्त्र के खंड है।

‘ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भविष्य’ जानना

अभी आपने ज्योतिष शास्त्र क्या है यह जाना, आइए अब जानते है किस प्रकार से ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भविष्य तय किया जा सकता है।
ज्योतिष शास्त्र वह ग्रन्थ है जो व्यक्ति के जीवन के भविष्य और उसके जीवन की समस्याओं की जानकारी प्रदान करता है। उसके जीवन में घटित होने वाली घटनाओं की पूर्व में चेतावनी देता है। उसके जीवन की आने वाली घटनाओं को जानकर उसके निवारण द्वारा सहायता प्रदान करता है।

हर व्यक्ति अपना भविष्य जानना चाहता है और हर व्यक्ति अपने जीवन में सुख शांति की चाहत रखता है। उसका जीवन सुखों और सुविधाओं से भरपूर हो, यदि उसके भविष्य में कुछ प्रतिकूल परिस्थितियां हो तो उनका ज्योतिष द्वारा उपाय किया जा सकें। यही कारण है की ज्योतिष शास्त्र की ओर हर व्यक्ति की जिज्ञासा है। किसी भी व्यक्ति के जीवन में कार्य-व्यापार, आर्थिक स्तिथि, पारिवारिक और वैवाहिक जीवन, स्वास्थय महत्वपूर्ण है। इसलिए उसके जीवन में इन सभी चीजों की खुशहाली प्रमुख रहती है।

ज्योतिष शास्त्र वह ग्रन्थ है जो व्यक्ति के जीवन के इन्हीं पहलुओं के बारे में पूर्व में ही जानकारी दे सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अलावा साइंस या अन्य कोई भी शास्त्र भविष्य के बारे में जानकरी नहीं दे सकता है।

आजकल लगभग सभी लोग ज्योतिष के माध्यम से किसी ना किसी प्रकार से जुड़े हुए है। जैसे की व्यवसाय प्रारंभ करना, मुहूर्त देखना, विवाह और कुंडली मिलान, भविष्य का मार्गदर्शन, स्वास्थय की जानकारी, व्यापारिक और आर्थिक स्तिथि आदि। ज्योतिष शास्त्र से इन सभी बातों की जानकारी प्राप्त करके लोग काफी लाभ भी ले रहे है। अगर उन्हें अपने जीवन में किसी समस्या के बारे में जानकारी प्राप्त होती है या वह किसी भी समस्या से परेशान है तो ज्योतिष द्वारा बताए गए उपायों द्वारा अपनी समस्याओं का निवारण भी कर लेते है।

ज्योतिष शास्त्र

किसी भी व्यक्ति के भाग्य के बारे में जानने के लिए उसकी जन्म तिथि, जन्म समय और जन्म स्थान की जरुरत पड़ती है। उसी के अनुसार व्यक्ति की लग्न कुंडली तैयार ही जाती है और उसके भविष्य के बारे में जाना जाता है।

व्यक्ति की जन्म कुंडली अध्ययन के लिए उसके जन्म विवरण के साथ ग्रहों, नक्षत्रों और राशि स्तिथि का पता लगता है। उसके बाद ब्रह्माण्ड में इन्हीं ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों की स्तिथि के अनुसार लग्न कुंडली का निर्माण होता है और व्यक्ति के जीवन की घटनाओं का आंकलन किया जाता है।

निष्कर्ष

साथियों ‘ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भविष्य‘ के इस लेख से आपको ज्योतिष शास्त्र क्या है के बारे में जानकारी प्राप्त हुई होगी और किसी प्रकार ज्योतिष शास्त्र व्यक्ति के भविष्य के बारे में गणना करता है।

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