ग्रहों के अंश
ग्रहों के अंश ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण विषय है। जाने कि कैसे किसी ग्रह का अलग-अलग हिस्से (अंश) किसी व्यक्ति के जीवन पर अलग प्रभाव डालते हैं।
ग्रहों के अंश ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण विषय है। जाने कि कैसे किसी ग्रह का अलग-अलग हिस्से (अंश) किसी व्यक्ति के जीवन पर अलग प्रभाव डालते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की दृष्टि बहुत महत्वपूर्ण होती है। हर ग्रह अपनी स्थिति से कुछ विशेष भावों पर दृष्टि डालता है।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का बलाबल बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। हर ग्रह की अपनी शक्ति होती है और यह शक्ति व्यक्ति के जीवन, स्वभाव और भाग्य को प्रभावित करती है
इस पोस्ट में आप जानेंगे: ग्रहों की उच्च तथा नीच स्थिति, ग्रह उच्च राशि, ग्रह नीच राशि, सभी ग्रहों की उच्च राशि, सभी ग्रहों की नीच राशि, सूर्य उच्च राशि, चंद्रमा उच्च राशि, मंगल उच्च राशि, बुध उच्च राशि, गुरु उच्च राशि, शुक्र उच्च राशि, शनि उच्च राशि, नीचभंग राजयोग, उच्च ग्रह का फल, नीच … Read more
मूल त्रिकोण क्या है,ग्रह की वह खास राशि या राशि का खास भाग जहां उसे मजबूत और अपने स्वभाव के अनुसार काम करने योग्य माना जाता है।
आपोक्लिम तथा मारक भाव, 3, 6, 9 और 12 भाव आपोक्लिम कहलाते हैं। इन भावों को आगे बढ़ने, बदलाव और अलग-अलग जीवन अनुभवों से जोड़ा जाता है।
ग्रहों का पारस्परिक सम्बन्ध वैदिक ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण विषय है। जन्म कुंडली में ग्रह अकेले काम नहीं करते। एक ग्रह दूसरे ग्रह से मित्रता, शत्रुता या सामान्य संबंध रख सकता है।
ग्रहों का राशि भोग ज्योतिष में यह बताता है कि कोई ग्रह एक राशि में लगभग कितने समय तक रहता है और फिर अगली राशि में जाता है।
ग्रहों का स्वभाव और प्रभाव कुंडली में मौजूद ग्रह व्यक्ति के स्वभाव, सोच, धन, शिक्षा, विवाह, नौकरी, व्यवसाय और जीवन से जुड़े संकेत देते हैं।
नक्षत्रों के चरण क्या होते हैं? जानिए 27 नक्षत्रों के 108 चरण, नाम अक्षर और महत्व, वैदिक ज्योतिष में कुल 27 मुख्य नक्षत्र माने जाते हैं और हर नक्षत्र के चार चरण होते हैं।