इस पोस्ट में आप जानेंगे: ग्रहों की उच्च तथा नीच स्थिति, ग्रह उच्च राशि, ग्रह नीच राशि, सभी ग्रहों की उच्च राशि, सभी ग्रहों की नीच राशि, सूर्य उच्च राशि, चंद्रमा उच्च राशि, मंगल उच्च राशि, बुध उच्च राशि, गुरु उच्च राशि, शुक्र उच्च राशि, शनि उच्च राशि, नीचभंग राजयोग, उच्च ग्रह का फल, नीच ग्रह का फल, जन्म कुंडली में उच्च ग्रह, जन्म कुंडली में नीच ग्रह, दुर्ग भिलाई ज्योतिषी।
ग्रहों की उच्च तथा नीच स्थिति: सभी ग्रहों की उच्च और नीच राशि टेबल में
ग्रहों की उच्च तथा नीच स्थिति क्या होती है?
| शब्द |
आसान अर्थ |
ज्योतिष में सामान्य महत्व |
| उच्च स्थिति |
जब ग्रह अपनी उच्च राशि में होता है। |
ग्रह को बहुत मजबूत स्थिति में माना जाता है। |
| नीच स्थिति |
जब ग्रह अपनी नीच राशि में होता है। |
ग्रह की शक्ति कमजोर मानी जा सकती है। |
| उच्च राशि |
वह राशि जहां ग्रह को विशेष बल मिलता है। |
ग्रह के अच्छे गुणों को मजबूत करने वाली स्थिति मानी जाती है। |
| नीच राशि |
वह राशि जो उस ग्रह की उच्च राशि के सामने होती है। |
ग्रह के फल में कमजोरी या चुनौती का संकेत माना जाता है। |
सभी सात ग्रहों की उच्च और नीच राशियां
| ग्रह |
उच्च राशि |
उच्च डिग्री |
नीच राशि |
नीच डिग्री |
| सूर्य |
मेष |
10° |
तुला |
10° |
| चंद्रमा |
वृषभ |
3° |
वृश्चिक |
3° |
| मंगल |
मकर |
28° |
कर्क |
28° |
| बुध |
कन्या |
15° |
मीन |
15° |
| गुरु |
कर्क |
5° |
मकर |
5° |
| शुक्र |
मीन |
27° |
कन्या |
27° |
| शनि |
तुला |
20° |
मेष |
20° |
उच्च ग्रहों की स्थिति
| ग्रह |
उच्च राशि |
मुख्य ज्योतिषीय संकेत |
| सूर्य |
मेष |
आत्मविश्वास, नेतृत्व, सम्मान और निर्णय लेने की क्षमता। |
| चंद्रमा |
वृषभ |
मन की स्थिरता, भावनात्मक संतुलन और सुख। |
| मंगल |
मकर |
साहस, मेहनत, ऊर्जा और काम पूरा करने की क्षमता। |
| बुध |
कन्या |
बुद्धि, गणना, बोलने और सीखने की क्षमता। |
| गुरु |
कर्क |
ज्ञान, शिक्षा, धन, संतान और अच्छे मार्गदर्शन के संकेत। |
| शुक्र |
मीन |
प्रेम, कला, सुख, रचनात्मकता और भावनात्मक समझ। |
| शनि |
तुला |
न्याय, अनुशासन, धैर्य और संतुलित सोच। |
नीच ग्रहों की स्थिति
| ग्रह |
नीच राशि |
मुख्य चुनौती के संकेत |
| सूर्य |
तुला |
आत्मविश्वास, निर्णय और अधिकार से जुड़े मामलों में चुनौती। |
| चंद्रमा |
वृश्चिक |
मन की बेचैनी, भावनाओं में उतार-चढ़ाव के संकेत। |
| मंगल |
कर्क |
ऊर्जा और भावनाओं के बीच टकराव के संकेत। |
| बुध |
मीन |
तर्क, निर्णय और स्पष्ट सोच में चुनौती के संकेत। |
| गुरु |
मकर |
ज्ञान, मार्गदर्शन और विश्वास के मामलों में कमजोरी के संकेत। |
| शुक्र |
कन्या |
प्रेम, रिश्ते और सुख में जरूरत से ज्यादा सोचने की प्रवृत्ति। |
| शनि |
मेष |
धैर्य, गति और जिम्मेदारी के बीच संघर्ष के संकेत। |
ग्रह की उच्च और नीच राशि का आसान संबंध
| ग्रह |
उच्च राशि |
नीच राशि |
दोनों राशियों का संबंध |
| सूर्य |
मेष |
तुला |
एक-दूसरे से सातवीं राशि। |
| चंद्रमा |
वृषभ |
वृश्चिक |
एक-दूसरे से सातवीं राशि। |
| मंगल |
मकर |
कर्क |
एक-दूसरे से सातवीं राशि। |
| बुध |
कन्या |
मीन |
एक-दूसरे से सातवीं राशि। |
| गुरु |
कर्क |
मकर |
एक-दूसरे से सातवीं राशि। |
| शुक्र |
मीन |
कन्या |
एक-दूसरे से सातवीं राशि। |
| शनि |
तुला |
मेष |
एक-दूसरे से सातवीं राशि। |
ग्रह की उच्च स्थिति का फल कैसे देखा जाता है?
| कुंडली में स्थिति |
सामान्य ज्योतिषीय विचार |
| उच्च राशि में ग्रह |
ग्रह को मजबूत माना जाता है। |
| उच्च अंश के आसपास ग्रह |
ग्रह की विशेष शक्ति का अध्ययन किया जाता है। |
| उच्च ग्रह शुभ भाव में |
ग्रह के अच्छे फल की संभावना बढ़ सकती है। |
| उच्च ग्रह अशुभ भाव में |
मजबूत ग्रह उस भाव के विषयों को बहुत सक्रिय कर सकता है; केवल उच्च होना ही पर्याप्त नहीं है। |
| उच्च ग्रह पर शुभ ग्रहों का प्रभाव |
ग्रह की स्थिति को और सहारा मिल सकता है। |
क्या नीच ग्रह हमेशा खराब फल देता है?
| स्थिति |
आसान समझ |
| नीच ग्रह |
ग्रह की शक्ति कमजोर मानी जाती है, लेकिन पूरा फल केवल इसी आधार पर तय नहीं किया जाता। |
| नीच ग्रह के साथ शुभ ग्रह |
दूसरे ग्रह का सहयोग फल को बदल सकता है। |
| नीचभंग योग |
कुछ विशेष कुंडली स्थितियों में नीच ग्रह की कमजोरी कम होने की बात कही जाती है। |
| नीच ग्रह की दशा |
दशा में ग्रह से जुड़े विषय अधिक सक्रिय हो सकते हैं। |
| नीच ग्रह पर शुभ दृष्टि |
शुभ ग्रह की दृष्टि से स्थिति में सुधार के संकेत देखे जा सकते हैं। |
नीचभंग राजयोग क्या है?
| विषय |
आसान जानकारी |
| नीचभंग |
नीच ग्रह की कमजोरी को कुछ विशेष कुंडली स्थितियों से कम होना माना जाता है। |
| क्या हर नीच ग्रह का नीचभंग होता है? |
नहीं। इसके लिए विशेष ज्योतिषीय नियम और कुंडली की कई स्थितियां देखी जाती हैं। |
| नीचभंग राजयोग |
कुछ विशेष स्थितियों में नीच ग्रह के कारण बनने वाली कमजोरी कम होकर अच्छे फल मिलने की संभावना मानी जाती है। |
| क्या केवल नीच राशि देखकर नीचभंग कहा जा सकता है? |
नहीं। पूरी जन्म कुंडली देखकर ही नीचभंग की स्थिति की जांच करनी चाहिए। |
उच्च, नीच, स्वराशि और मूल त्रिकोण की तुलना
| स्थिति |
सरल अर्थ |
सामान्य बल |
| उच्च |
ग्रह की विशेष मजबूत स्थिति। |
बहुत मजबूत मानी जाती है। |
| मूल त्रिकोण |
ग्रह की खास राशि और डिग्री का क्षेत्र। |
बहुत अच्छा बल माना जाता है। |
| स्वराशि |
ग्रह अपनी ही राशि में। |
मजबूत स्थिति मानी जाती है। |
| मित्र राशि |
ग्रह मित्र ग्रह की राशि में। |
सहयोगी स्थिति मानी जाती है। |
| सम राशि |
ग्रह सामान्य संबंध वाली राशि में। |
सामान्य स्थिति। |
| शत्रु राशि |
ग्रह शत्रु ग्रह की राशि में। |
चुनौती वाली स्थिति। |
| नीच |
ग्रह अपनी नीच राशि में। |
कमजोर स्थिति मानी जाती है। |
सभी ग्रहों की उच्च और नीच स्थिति — अंतिम सारणी
| ग्रह |
उच्च राशि |
उच्च अंश |
नीच राशि |
नीच अंश |
मुख्य कारक |
| सूर्य |
मेष |
10° |
तुला |
10° |
आत्मविश्वास, पिता, नेतृत्व |
| चंद्रमा |
वृषभ |
3° |
वृश्चिक |
3° |
मन, माता, भावना |
| मंगल |
मकर |
28° |
कर्क |
28° |
साहस, ऊर्जा, भूमि |
| बुध |
कन्या |
15° |
मीन |
15° |
बुद्धि, व्यापार, वाणी |
| गुरु |
कर्क |
5° |
मकर |
5° |
ज्ञान, शिक्षा, संतान |
| शुक्र |
मीन |
27° |
कन्या |
27° |
प्रेम, विवाह, सुख |
| शनि |
तुला |
20° |
मेष |
20° |
कर्म, मेहनत, अनुशासन |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
| सवाल |
आसान जवाब |
| सूर्य किस राशि में उच्च होता है? |
सूर्य मेष राशि में उच्च माना जाता है और 10° को उसका उच्च अंश माना जाता है। |
| चंद्रमा किस राशि में उच्च होता है? |
चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च माना जाता है और 3° उसका उच्च अंश माना जाता है। |
| मंगल किस राशि में उच्च होता है? |
मंगल मकर राशि में उच्च माना जाता है और 28° उसका उच्च अंश माना जाता है। |
| बुध किस राशि में उच्च होता है? |
बुध कन्या राशि में उच्च माना जाता है और 15° उसका उच्च अंश माना जाता है। |
| गुरु किस राशि में उच्च होता है? |
गुरु कर्क राशि में उच्च माना जाता है और 5° उसका उच्च अंश माना जाता है। |
| शुक्र किस राशि में उच्च होता है? |
शुक्र मीन राशि में उच्च माना जाता है और 27° उसका उच्च अंश माना जाता है। |
| शनि किस राशि में उच्च होता है? |
शनि तुला राशि में उच्च माना जाता है और 20° उसका उच्च अंश माना जाता है। |
| क्या नीच ग्रह हमेशा खराब फल देता है? |
नहीं। ग्रह की पूरी स्थिति, भाव, दृष्टि, युति, स्वामी और दशा देखकर फल का निर्णय किया जाता है। |
| नीचभंग क्या होता है? |
कुछ विशेष कुंडली स्थितियों में नीच ग्रह की कमजोरी कम होने को नीचभंग कहा जाता है। |
Lakshmi Naraya -7000130353
दुर्ग-भिलाई में ज्योतिष परामर्श
| विवरण |
जानकारी |
| ज्योतिषाचार्य |
लक्ष्मी नारायण |
| क्षेत्र |
दुर्ग-भिलाई, छत्तीसगढ़ |
| सेवाएं |
जन्म कुंडली, ग्रह स्थिति, विवाह कुंडली मिलान, करियर, व्यवसाय, ग्रह दोष और रत्न परामर्श |
| पता |
1400, कृपाल नगर, अवन्ति बाई चौक, सुपेला, भिलाई, छत्तीसगढ़ |
| मोबाइल / WhatsApp |
70001-30353 |
उपयोगी वेबसाइट
“`