ग्रहों का पारस्परिक सम्बन्ध

ग्रहों का पारस्परिक सम्बन्ध: कौन सा ग्रह किस ग्रह का मित्र और शत्रु है?

ग्रहों का पारस्परिक सम्बन्ध वैदिक ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण विषय है। जन्म कुंडली में ग्रह अकेले काम नहीं करते। एक ग्रह दूसरे ग्रह से मित्रता, शत्रुता या सामान्य संबंध रख सकता है। इसी कारण कुंडली में किसी ग्रह का फल समझते समय यह देखना जरूरी होता है कि वह किन ग्रहों के साथ है और किन ग्रहों से उसका संबंध बन रहा है।

नीचे ग्रहों के पारस्परिक सम्बन्ध को आसान टेबल के माध्यम से समझाया गया है। इसमें सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि के प्राकृतिक मित्र, शत्रु और सम ग्रहों की जानकारी दी गई है। राहु और केतु के संबंधों को अलग से समझाया गया है क्योंकि इनके बारे में अलग-अलग ज्योतिष परंपराओं में कुछ अंतर मिल सकता है।

नवग्रहों के पारस्परिक सम्बन्ध की मुख्य टेबल

ग्रह मित्र ग्रह शत्रु ग्रह सम ग्रह
सूर्य चंद्रमा, मंगल, गुरु शुक्र, शनि बुध
चंद्रमा सूर्य, बुध कोई स्थायी शत्रु नहीं मंगल, गुरु, शुक्र, शनि
मंगल सूर्य, चंद्रमा, गुरु बुध शुक्र, शनि
बुध सूर्य, शुक्र चंद्रमा मंगल, गुरु, शनि
गुरु सूर्य, चंद्रमा, मंगल बुध, शुक्र शनि
शुक्र बुध, शनि सूर्य, चंद्रमा मंगल, गुरु
शनि बुध, शुक्र सूर्य, चंद्रमा, मंगल गुरु

ग्रहों की मित्रता को आसान तरीके से समझें

ग्रह किससे मित्रता किससे शत्रुता मुख्य बात
सूर्य चंद्रमा, मंगल, गुरु शुक्र, शनि सूर्य सम्मान और अधिकार का ग्रह माना जाता है।
चंद्रमा सूर्य, बुध स्थायी शत्रु नहीं चंद्रमा मन और भावनाओं से जुड़ा माना जाता है।
मंगल सूर्य, चंद्रमा, गुरु बुध मंगल साहस और ऊर्जा से जुड़ा है।
बुध सूर्य, शुक्र चंद्रमा बुध बुद्धि, व्यापार और बोलने से जुड़ा है।
गुरु सूर्य, चंद्रमा, मंगल बुध, शुक्र गुरु ज्ञान, शिक्षा और धर्म से जुड़ा है।
शुक्र बुध, शनि सूर्य, चंद्रमा शुक्र प्रेम, विवाह और सुख से जुड़ा है।
शनि बुध, शुक्र सूर्य, चंद्रमा, मंगल शनि कर्म, मेहनत और अनुशासन से जुड़ा है।

सूर्य के साथ दूसरे ग्रहों का सम्बन्ध

ग्रह सूर्य से संबंध आसान ज्योतिषीय अर्थ
चंद्रमा मित्र आत्मविश्वास और मन के बीच अच्छा तालमेल माना जाता है।
मंगल मित्र साहस और नेतृत्व का मेल माना जाता है।
गुरु मित्र ज्ञान और नेतृत्व का अच्छा संबंध माना जाता है।
बुध सम बुद्धि और अधिकार का सामान्य संबंध।
शुक्र शत्रु सुख और अधिकार के बीच मतभेद की स्थिति बन सकती है।
शनि शत्रु अधिकार और अनुशासन के बीच खिंचाव माना जाता है।

चंद्रमा के साथ दूसरे ग्रहों का सम्बन्ध

ग्रह चंद्रमा से संबंध मुख्य संकेत
सूर्य मित्र आत्मविश्वास और मन
बुध मित्र मन और सोच
मंगल सम मन और ऊर्जा
गुरु सम मन और ज्ञान
शुक्र सम भावना और सुख
शनि सम मन और जिम्मेदारी

मंगल के साथ दूसरे ग्रहों का सम्बन्ध

ग्रह मंगल से संबंध मुख्य संकेत
सूर्य मित्र ऊर्जा और नेतृत्व
चंद्रमा मित्र भावना और साहस
गुरु मित्र साहस और ज्ञान
बुध शत्रु जल्दबाजी और सोच के बीच मतभेद
शुक्र सम ऊर्जा और सुख का सामान्य संबंध
शनि सम मेहनत और ऊर्जा का सामान्य संबंध

बुध के साथ दूसरे ग्रहों का सम्बन्ध

ग्रह बुध से संबंध मुख्य संकेत
सूर्य मित्र बुद्धि और आत्मविश्वास
शुक्र मित्र बुद्धि और कला
चंद्रमा शत्रु मन और तर्क में अंतर
मंगल सम बुद्धि और ऊर्जा
गुरु सम बुद्धि और ज्ञान
शनि सम बुद्धि और अनुशासन

गुरु के साथ दूसरे ग्रहों का सम्बन्ध

ग्रह गुरु से संबंध मुख्य संकेत
सूर्य मित्र ज्ञान और नेतृत्व
चंद्रमा मित्र ज्ञान और भावना
मंगल मित्र ज्ञान और साहस
बुध शत्रु तर्क और पारंपरिक ज्ञान में अंतर
शुक्र शत्रु ज्ञान और भौतिक सुख में अंतर
शनि सम ज्ञान और मेहनत का सामान्य संबंध

शुक्र के साथ दूसरे ग्रहों का सम्बन्ध

ग्रह शुक्र से संबंध मुख्य संकेत
बुध मित्र बुद्धि और कला
शनि मित्र सुख और स्थिरता
सूर्य शत्रु अधिकार और सुख में अंतर
चंद्रमा शत्रु भावना और सुख में मतभेद
मंगल सम ऊर्जा और प्रेम का सामान्य संबंध
गुरु सम ज्ञान और सुख का सामान्य संबंध

शनि के साथ दूसरे ग्रहों का सम्बन्ध

ग्रह शनि से संबंध मुख्य संकेत
बुध मित्र बुद्धि और अनुशासन
शुक्र मित्र सुख और स्थिरता
सूर्य शत्रु अधिकार और कर्म में तनाव
चंद्रमा शत्रु मन और जिम्मेदारी में दबाव
मंगल शत्रु ऊर्जा और धैर्य में टकराव
गुरु सम ज्ञान और कर्म का सामान्य संबंध

राहु और केतु का पारस्परिक सम्बन्ध

ग्रह सामान्य रूप से जिन ग्रहों से संबंध जोड़ा जाता है मुख्य ज्योतिषीय विषय
राहु शनि, बुध, शुक्र से संबंध माना जाता है महत्वाकांक्षा, विदेशी विषय, अचानक बदलाव
केतु मंगल, गुरु आदि से संबंध जोड़ा जाता है आध्यात्मिकता, खोज, अलग सोच

ग्रहों की मित्रता कुंडली में कैसे काम करती है?

स्थिति आसान अर्थ कुंडली में क्या देखा जाता है?
मित्र राशि ग्रह को सहयोगी वातावरण मिल सकता है। ग्रह की राशि और उसके स्वामी का संबंध
शत्रु राशि ग्रह को अपने काम में अधिक चुनौती मिल सकती है। ग्रह और राशि स्वामी का संबंध
सम राशि न बहुत सहयोग, न बहुत विरोध। ग्रह की बाकी स्थिति
मित्र ग्रह के साथ युति दोनों ग्रहों के विषय मिलकर काम कर सकते हैं। भाव, राशि और ग्रहों की ताकत
शत्रु ग्रह के साथ युति दोनों ग्रहों के विषयों में खिंचाव हो सकता है। युति, दृष्टि और दशा

ग्रहों के प्राकृतिक सम्बन्ध और अस्थायी सम्बन्ध में अंतर

सम्बन्ध क्या होता है? किस आधार पर?
प्राकृतिक मित्रता ग्रहों का सामान्य स्थायी संबंध ग्रहों के मूल संबंध
प्राकृतिक शत्रुता ग्रहों का सामान्य विरोधी संबंध ग्रहों के मूल संबंध
प्राकृतिक सम संबंध सामान्य या तटस्थ संबंध ग्रहों के मूल संबंध
अस्थायी मित्रता कुंडली में ग्रहों की विशेष स्थिति से बनती है भावों में ग्रहों की स्थिति
पंचधा मैत्री प्राकृतिक और अस्थायी संबंधों को जोड़कर देखा जाता है कुंडली की स्थिति

पंचधा मैत्री में ग्रहों का सम्बन्ध

सम्बन्ध सरल अर्थ सामान्य फल
अति मित्र बहुत अच्छा संबंध ग्रहों का सहयोग बढ़ सकता है।
मित्र अच्छा संबंध ग्रह एक-दूसरे को सहयोग दे सकते हैं।
सम सामान्य संबंध मध्यम प्रभाव माना जाता है।
शत्रु विरोध का संबंध ग्रहों के विषयों में टकराव हो सकता है।
अति शत्रु बहुत कमजोर संबंध ग्रहों के बीच अधिक खिंचाव माना जाता है।

ग्रहों के पारस्परिक सम्बन्ध का फल देखते समय जरूरी बातें

क्या देखें? क्यों देखें?
ग्रह किस राशि में है? ग्रह की स्थिति समझने के लिए।
राशि का स्वामी कौन है? ग्रह को मिलने वाले सहयोग या विरोध को समझने के लिए।
ग्रह किस भाव में है? जीवन के किस क्षेत्र में फल आएगा, यह समझने के लिए।
किस ग्रह के साथ बैठा है? ग्रहों के मिले-जुले प्रभाव को देखने के लिए।
किस ग्रह की दृष्टि है? दूसरे ग्रह के प्रभाव को समझने के लिए।
कौन सी दशा चल रही है? ग्रह के फल के समय को समझने के लिए।

ग्रहों का पारस्परिक सम्बन्ध — सबसे छोटा सार

ग्रह मित्र शत्रु सम
सूर्यचंद्र, मंगल, गुरुशुक्र, शनिबुध
चंद्रमासूर्य, बुधकोई स्थायी शत्रु नहींमंगल, गुरु, शुक्र, शनि
मंगलसूर्य, चंद्र, गुरुबुधशुक्र, शनि
बुधसूर्य, शुक्रचंद्रमामंगल, गुरु, शनि
गुरुसूर्य, चंद्र, मंगलबुध, शुक्रशनि
शुक्रबुध, शनिसूर्य, चंद्रमंगल, गुरु
शनिबुध, शुक्रसूर्य, चंद्र, मंगलगुरु

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सवाल आसान जवाब
सूर्य के मित्र ग्रह कौन हैं? चंद्रमा, मंगल और गुरु सूर्य के प्राकृतिक मित्र माने जाते हैं।
चंद्रमा का सबसे प्रमुख मित्र कौन है? सूर्य और बुध को चंद्रमा का मित्र माना जाता है।
मंगल का शत्रु ग्रह कौन है? बुध को मंगल का प्राकृतिक शत्रु माना जाता है।
बुध के मित्र ग्रह कौन हैं? सूर्य और शुक्र बुध के प्राकृतिक मित्र माने जाते हैं।
गुरु के शत्रु ग्रह कौन हैं? बुध और शुक्र को गुरु के प्राकृतिक शत्रु माना जाता है।
शुक्र के मित्र ग्रह कौन हैं? बुध और शनि शुक्र के प्राकृतिक मित्र माने जाते हैं।
शनि के मित्र ग्रह कौन हैं? बुध और शुक्र शनि के प्राकृतिक मित्र माने जाते हैं।
क्या ग्रहों की मित्रता से कुंडली का पूरा फल पता चलता है? नहीं। ग्रहों की मित्रता के साथ राशि, भाव, दृष्टि, युति, दशा और ग्रह की ताकत भी देखनी होती है।

Durg Bhilai Jyotish Lakshmi Narayan-7000130353

दुर्ग-भिलाई में ज्योतिष परामर्श

विवरण जानकारी
ज्योतिषाचार्य लक्ष्मी नारायण
क्षेत्र दुर्ग-भिलाई, छत्तीसगढ़
जन्म कुंडली कुंडली का विस्तृत अध्ययन
विवाह कुंडली मिलान और विवाह संबंधी परामर्श
करियर नौकरी और करियर संबंधी ज्योतिष परामर्श
व्यवसाय व्यवसाय और धन संबंधी कुंडली अध्ययन
ग्रह दोष मंगल, शनि, राहु-केतु आदि से जुड़े ज्योतिषीय मार्गदर्शन
रत्न परामर्श कुंडली के आधार पर रत्न संबंधी सलाह
पता 1400, कृपाल नगर, अवन्ति बाई चौक, सुपेला, भिलाई, छत्तीसगढ़
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