आज की इस पोस्ट में दुर्ग भिलाई ज्योतिष लक्ष्मी नारायण आपको रत्न और धातु का तालमेल क्यों ज़रूरी है? इस विषय में तालिका अनुसार बताएँगे जिससे आपको समझने में आसानी हो।
रत्न और धातु का तालमेल
कोई भी रत्न अपनी मर्जी से किसी भी धातु में नहीं पहना जा सकता है, हर धातु में अलग अलग रत्न और ग्रह की ऊर्जा होती है। जब किसी किसी रत्न को धारण किया जाता है तो यह देखना जरुरी होता है की वह किस ग्रह का रत्न है और उस ग्रह की ऊर्जा ठंडी है या गरम, उसी के अनुसार उस रत्न की धातु का चुनाव किया जाता है। उदहारण के तौर पर मोती का ग्रह चंद्र शीतल ग्रह है ऐसे में अगर मोती को सोने, अष्टधातु या पंचधातु में धारण करेंगे तो मोती उस धातु से जलने लगेगा और उसके बुरे परिणाम आने लगेंगे।
उसी प्रकार अगर सूर्य के रत्न माणिक्य को चन्द्र की शीतल धातु चांदी में पहन लिया जाये तो चांदी माणिक्य की ऊर्जा को ठंडा करने लगेगी और परिणाम उल्टे होने लगेंगे। इसलिए रत्न और धातु का चयन बहुत जरुरी है।
| रत्न का नाम | संबंधित ग्रह | अनुशंसित धातु | वैकल्पिक धातु | पहनने की उंगली |
|---|---|---|---|---|
| माणिक्य (Ruby) | सूर्य | सोना | तांबा | अनामिका (Ring Finger) |
| मोती (Pearl) | चंद्र | चांदी | सफेद सोना | कनिष्ठा (Little Finger) |
| पन्ना (Emerald) | बुध | सोना | चांदी | कनिष्ठा (Little Finger) |
| मूंगा (Coral) | मंगल | तांबा | सोना | अनामिका (Ring Finger) |
| पुखराज (Yellow Sapphire) | गुरु | सोना | पंचधातु/अष्टधातु | तर्जनी (Index Finger) |
| हीरा (Diamond) | शुक्र | चांदी | प्लैटिनम, सफेद सोना | मध्यमा (Middle Finger) |
| नीलम (Blue Sapphire) | शनि | लोहा, चांदी | स्टील | मध्यमा (Middle Finger) |
| गोमेद (Hessonite) | राहु | चांदी | पंचधातु/अष्टधातु | मध्यमा (Middle Finger) |
| लहसुनिया (Cat’s Eye) | केतु | चांदी | चांदी, पंचधातु | कनिष्ठा (Little Finger) |
निष्कर्ष
इस पोस्ट से आपको समझने में काफी आसानी हो गई होगी की रत्न धारण करते समय उसे उपयुक्त धातु में जड़ना क्यों जरुरी होता है। आप रत्नों से सम्बंधित सभी जानकारियां इस ब्लॉग से प्राप्त कर सकते है और अगर आप ज्योतिष परामर्श चाहते है तो आप दुर्ग भिलाई ज्योतिष लक्ष्मी नारायण से संपर्क कर सकते है।