ज्योतिष शास्त्र में रत्न बहुत अहम् महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ग्रहों के प्रभाव से ही हमारे शरीर और जीवन में बदलाव होते है, सुख दुःख आते है, और जीवन में सफलता प्राप्त करते हुए आगे बढ़ते है। इन्हीं ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा से जीवन में बहुत से शुभ परिवर्तन आते है, रत्न ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जाओं को धारण करने वाले व्यक्ति तक पहुंचाते है, रत्नों का सीधा संबंध ग्रह की ऊर्जाओं का संचालन करने से रहता है। अगर सही रत्न धारण परामर्श प्राप्त हो जाये तो व्यक्ति का जीवन बदलने में समय नहीं लगता। व्यक्ति रत्नों की शुभता से अपने जीवन में बहुत जल्दी उनत्ति और तरक्की प्राप्त करके जीवन के कष्टों को दूर रख सकता है।
सही रत्न धारण परामर्श आपका जीवन बदल सकता है
ज्योतिष शास्त्र में रत्न बहुत बड़ी भूमिका निभाते है। ग्रहों की ऊंच ,नीच स्तिथि से जो हमारे जीवन पर प्रभाव पड़ते है, तो रत्नों को धारण करके ,इन्ही ग्रहों को ऊर्जावान बनाया जा सकता है एव जीवन में लाभ प्राप्त करते हुए तरक्की कर सकते है .और परेशानियों को कम कर सकते है। । इन रत्नों को धारण करके हम उन समस्याओं को कम कर सकते हैं जिनका हम सामना कर रहे हैं और शांतिपूर्ण जीवन गुजार सकते हैं।
आपकी जन्म पत्रिका का अध्ययन कर ,उसके अनुसार रत्न धारण की सलाह दी जाती है। जन्म के समय आकाशमण्डल में जो ग्रहों की स्तिथि रहती है, जातक अपना सम्पूर्ण जीवन उन्ही ग्रहों के आधार पर भोगता है और जीवन पर इन्ही ग्रहों के अनुसार ज्योतिषीय प्रभाव रहता है।
दूसरे शब्दों में, आपके जीवन में जो कुछ भी होता है, वह वास्तव में आपकी कुंडली में आपकी व्यक्तिगत कुंडली के ग्रहों की स्थिति का ही परिणाम होता है। इसके लिए सावधानीपूर्वक जन्म पत्रिका का अध्ययन करने की आवश्यकता होती है। सही रत्न धारण परामर्श के अनुसार धारण किया गया रत्न आपका जीवन बदल सकता है।
रत्न का चयन कैसे किया जाता है।
- आपकी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्तिथि का विश्लेषण किया जाता है।
- रत्न विज्ञान के विशेषज्ञ रत्न का चयन करते हैं।
- उचित रत्न धारण की सलाह दी जाती है।
- रत्न को अंगूठी में जड़ा जाता है एव रत्न को नकारात्मक प्रभावों से शुद्ध किया जाता है।
- रत्न के अनुसार ग्रहों की पूजा की जाती है और मंत्रो द्वारा अभिमंत्रित एव सिद्ध किया।
- रत्न को बताये गए समय एव वार को धारण किया जाता है।