27 नक्षत्र के देवता
प्रणाम दोस्तों, नक्षत्र और उनके देवता की इस पोस्ट में हम नक्षत्रों और उनके स्वामी देवताओं के नाम जानेंगे।
वैसे तो 27 नक्षत्र माने गए है, लेकिन इसमें एक अठाईसवें नक्षत्र का भी जिक्र किया गया है, दरअसल इस अठाईसवें Nakshtra “अभिजीत” का सभी शुभ कार्यों में प्रशस्त माना गया है।
मानव जीवन पर नक्षत्रों का बहुत अधिक प्रभाव रहता है, जब कोई व्यक्ति जन्म लेता है तो इन नक्षत्रों की स्तिथि के अनुसार ही उसकी जन्म कुंडली का निर्माण होता है। इसी जन्म कुंडली के अनुसार व्यक्ति के भविष्य, बचपन, शिक्षा, करियर, विवाह, नौकरी, कारोबार, धन, उनत्ति, प्रसिद्धि, स्वस्थय और सुख दुख के बारे में सटीक जानकारी प्राप्त होती है।
हर Nakshtra के अपने अपने गुण और स्वाभाव होते है, जिनका सीधा असर उस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति पर पड़ता है। जैसे की कुछ नक्षत्र उनत्ति, विकास से परिपूर्ण होते है, कुछ Nakshtra नकारात्मकता उत्पन्न करते है। नवग्रहों में हर ग्रह के अपने 3 नक्षत्र होते है। 9 x 3 = 27 , आइये इन्हीं 27 नक्षत्रों के नाम जानें।
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27 नक्षत्रों और उनके स्वामी ग्रह के बारे में हम पिछली पोस्ट में जानकारी प्रदान कर चुके है, आइये इस पोस्ट के माध्यम से हम जानकारी प्राप्त करेंगे की किस Nakshatra का कौन सा देवता है।
| क्र. | नक्षत्र | स्वामी देवता |
|---|---|---|
| 1. | अश्विनी | अश्विनीकुमार |
| 2. | भरणी | काल |
| 3. | कृत्तिका | अग्नि |
| 4. | रोहिणी | ब्रह्मा |
| 5. | मृगशिरा | चंद्रमा |
| 6. | आद्रा | रूद्र |
| 7. | पुनवर्सु | अदिति |
| 8. | पुष्य | ब्रहस्पति |
| 9. | आश्लेषा | सर्प |
| 10. | मघा | पितर |
| 11. | पुर्व फाल्गुनी | भग |
| 12. | उत्तरा फाल्गुनी | अर्यम्मा |
| 13. | हस्त | सूर्य |
| 14. | चित्रा | विश्वकर्मा |
| 15. | स्वाति | वायु |
| 16. | विशाखा | शुक्रराग्नि |
| 17. | अनुराधा | मित्र |
| 18. | जयेष्ठा | इंद्र |
| 19. | मूल | निरश्ति (राक्षस) |
| 20. | पूर्वाषाढ़ा | जल |
| 21. | उत्तराषाढ़ा | विश्वेदेवा |
| 22. | अभिजीत | ब्रह्मा |
| 23. | श्रवण | विष्णु |
| 24. | घनिष्ठा | वसु |
| 25. | शतभिषा | वरुण |
| 26. | पूर्वा भाद्रपद | अजैकपाद |
| 27. | उत्तरा भाद्रपद | अर्हिबुद्धनय |
| 28. | रेवती | पूषा |