Zircon रत्न और उसके ज्योतिषीय लाभ
Zircon शुक्र देव का रत्न है और शुक्र देव भोग, विलासिता, सुंदरता और ऐशो आराम के देवता है। आइये जानें Zircon रत्न और उसके ज्योतिषीय लाभ
Zircon शुक्र देव का रत्न है और शुक्र देव भोग, विलासिता, सुंदरता और ऐशो आराम के देवता है। आइये जानें Zircon रत्न और उसके ज्योतिषीय लाभ
सिट्रीन स्टोन क्वार्ट्ज़ जाति का रत्न है यह पूर्ण पारदर्शी और गहरे पीले रंग का रत्न होता है। सिट्रीन को हिंदी में सुनेहला बोला जाता है।
जन्म कुंडली के तीसरे भाव में सूर्य और माणिक्य धारण करने से लाभ की प्राप्ति तो होती है, लेकिन यह देखना होता है की सिंह राशि किस भाव में है
दूसरे भाव में सूर्य और माणिक्य का क्या संबंध है, किस लग्न और किन परिस्थितियों में माणिक्य करना लाभकारी रहेगा।
कुंडली में सूर्य प्रथम भाव में सूर्य विराजमान है तो क्या सूर्य का रत्न माणिक्य धारण किया जा सकता है, प्रथम भाव में सूर्य और माणिक्य धारण।
सूर्य यंत्र का स्वरुप और महत्त्व, ग्रहों के यंत्र होते है, यंत्र शांति और शुभ प्रभावों को प्राप्त करने के लिए धारण किये जाते है
जीवन में ग्रहण,पितृ दोष निर्मित हो जाता है, सूर्य अशुभ और पीड़ित हो जाते है। ऐसे में सूर्य उपासना और सूर्य मंत्रो द्वारा शांति जरुरी है।
आदित्य हृदय स्तोत्र भगवान सूर्य का पाठ है, सूर्य देवता के इस पाठ को नित्य करने से जीवन के समस्त कष्ट दूर होते है
रत्न धारण से विद्या प्राप्ति !आज शिक्षा का बहुत महत्त्व है,जो व्यक्ति शिक्षित है वही आज के कॉम्पिटिशन के समय में आगे बढ़कर तरक्की कर सकता है।
जेड स्टोन उपरत्नों की श्रेणी का रत्न है, इस रत्न को हिंदी में “मरगज” बोला जाता है, जेड स्टोन के फायदे,जेड स्टोन या मरगज रत्न