कौन सा रत्न किस उंगली में धारण करना चाहिए?
कौन सा रत्न किस उंगली में धारण करना चाहिए? रत्न धारण में इस बात का बहुत महत्व है, गलत उंगली में धारण किया गया रत्न नुकसानकारी हो जाता है।
कौन सा रत्न किस उंगली में धारण करना चाहिए? रत्न धारण में इस बात का बहुत महत्व है, गलत उंगली में धारण किया गया रत्न नुकसानकारी हो जाता है।
अक्सर रत्न धारण को लेकर सभी को यह दुविधा रहती है की ‘मुझे कौन सा रत्न धारण करना चाहिए?’, इन ३ भावों का रत्न कोई भी जातक धारण कर सकता है।
इस पोस्ट में दो मुखी रुद्राक्ष के बारे में चर्चा करेंगे और जानेंगे, 2 मुखी रुद्राक्ष कैसा होता है,2 मुखी रुद्राक्ष पहनने से क्या फायदा होता है
जानिए! माणिक रत्न की विशेषताएं और धारण विधि,माणिक्य के उपरत्न,माणिक्य कितने कैरेट का धारण करना चाहिए,माणिक्य रत्न धारण करने की विधि
मिथुन लग्न | मिथुन लग्न के जातक | मिथुन लग्न विश्लेषण,मिथुन लग्न वाला जातक सामान्यता लंबे कद वाला और सीधा, स्पष्ट व सक्रिय होता है।
जिन व्यक्तियों का जन्म “वृष लग्न में” होता है वह दिखने में कैसे होते हैं, उनका स्वभाव कैसा होता है, उनकी आजीविका क्या हो सकती है आदि।
स्फटिक crystal,धारण के लाभ, श्रीयंत्र और स्फटिक crystal माला के लाभ,स्फटिक कांच की तरह आर पार दिखने वाला स्वच्छ एवं कठोर पत्थर होता है।
लाजवर्द,LAPIS LAZULI रत्न धारण करने के लाभ और जानकारी,लाजवर्द रत्न का सुन्दर नीला रंग होने से इसे शनि ग्रह का रत्न माना गया है।
इस रत्न को अंग्रेजी में Amethyst कहते हैं। यह बैंगनी रंग का रत्न है। कटैला (Amethyst) जितने गहरे रंग का होगा उतना ही लाभप्रद होगा।
कटैला (Amethyst) रत्न ऐसा रत्न है जिसे कोई भी व्यक्ति धारण कर सकता है
संगे यशब (जैस्पर,AGATE)गुण और लाभ,संगे यशब क्वार्ट्ज की प्रकार का एक साफ पारदर्शक रत्न है। सफेद, हरा, मटियाला कई प्रकार में पाया जाता है।