जन्म तारीख के अनुसार रत्नों का चुनाव
पश्चिमी देशों में जन्म तारीख के अनुसार रत्नों का चुनाव करके धारण करने का प्रचलन है, इसी अनुसार आजकल भारत में भी रत्न धारण किया जाता है
पश्चिमी देशों में जन्म तारीख के अनुसार रत्नों का चुनाव करके धारण करने का प्रचलन है, इसी अनुसार आजकल भारत में भी रत्न धारण किया जाता है
जन्मपत्रिका में कमजोर,अस्त,निर्बल,पाप पीड़ित ग्रह, किस ग्रह के बुरे प्रभाव दूर करने के लिए कौन सा रत्न धारण किया जाए
नवग्रहों के रत्नों का हमारे जीवन पर कई प्रकार से प्रभाव और महत्व है,रत्नों द्वारा चिकित्सकीय लाभ का उल्लेख भी ग्रंथो में मिल जायेगा
नवरत्न और 84 रत्न सूची में नवग्रहों के 9 रत्न और 84 उपरत्न शामिल है जिनके अपने अपने प्रभावशाली और चमत्कारी प्रभाव है।
रत्न धारण करने से पहले जरूर जान लें उसके नियम नहीं तो फायदे की जगह हो सकता है नुकसान, रत्न धारण करने से पहले किन बातों का रखें ख्याल?
कारोबार और ‘नौकरी के लिए रत्न’ – ज्योतिष शास्त्र में ऐसे कई रत्नों का जिक्र है, जिनको धारण करने से कारोबार और नौकरी में सफलता मिलती है
हमारे लिए,ऐसे कौन से शुभ रत्न है जो हमारी सफलता, धन, आर्थिक उनत्ति के लिए सहायक हो सकते है,जानते है-धन प्राप्ति के लिए कौन सा रत्न धारण करें?
कौन सा रत्न किस उंगली में धारण करना चाहिए? रत्न धारण में इस बात का बहुत महत्व है, गलत उंगली में धारण किया गया रत्न नुकसानकारी हो जाता है।
अक्सर रत्न धारण को लेकर सभी को यह दुविधा रहती है की ‘मुझे कौन सा रत्न धारण करना चाहिए?’, इन ३ भावों का रत्न कोई भी जातक धारण कर सकता है।
१२ राशियों के बारे में जानकारी, कुंडली में राशियों का क्रम, राशियों के १२ प्रकार है ,इन राशियों को विशेषता और गुणों के अनुसार विभाजित किया गया है।